
नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । “अगर भारत नहीं तो कौन?” — इस सवाल के साथ फिलिस्तीनी दूतावास ने भारत सरकार से गाजा और वेस्ट बैंक के लिए फौरी मेडिकल मदद भेजने की गुहार लगाई है। 73,018 फिलिस्तीनियों की मौत के बाद अब गाजा का हेल्थकेयर सिस्टम खत्म होने की कगार पर है। दूतावास ने PM नरेंद्र मोदी की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत 100 मिलियन डॉलर की जरूरी दवाइयां भेजने की अपील की है।
News in Short
- फिलिस्तीनी दूतावास ने भारत से गाजा के लिए इमरजेंसी मेडिकल सहायता मांगी
- WHO के मुताबिक 36 में से सिर्फ 19 अस्पताल काम कर रहे हैं
- 520 जरूरी दवाओं में से 180 दवाइयां पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं
- कैंसर की 97 दवाओं में से 50 दवाइयां स्टॉक में नहीं बची हैं
- दूतावास ने ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत मदद की अपील की है
“अगर अभी नहीं तो कब?” — दूतावास की भावुक अपील
फिलिस्तीनी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि यह वक्त हजारों बेगुनाह जिंदगियों को बचाने का है। “अगर भारत और भारत के लोग नहीं तो कौन? अगर अभी नहीं तो कब?” दूतावास ने यह सवाल उठाया है। दूतावास ने भारत सरकार, ह्यूमैनिटेरियन संगठनों, मेडिकल संस्थानों और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स से गाजा मेडिकल सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।
दूतावास ने PM मोदी की ‘आरोग्य मैत्री’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल किसी भी विकासशील देश को प्राकृतिक आपदा या मानवीय संकट के वक्त जरूरी मेडिकल सप्लाई मुहैया कराने के लिए शुरू की गई थी। “यह बिल्कुल वही मौका है जब इस पहल को अमल में लाया जाना चाहिए,” दूतावास ने कहा।
गाजा की हेल्थकेयर व्यवस्था तबाह — WHO का खुलासा
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के आंकड़ों के हवाले से दूतावास ने बताया कि गाजा के 36 अस्पतालों में से अब सिर्फ 19 अस्पताल ही आंशिक रूप से काम कर रहे हैं। हेल्थकेयर सिस्टम “ब्रेकिंग पॉइंट” पर पहुंच चुका है। एनेस्थीसिया, एंटीबायोटिक्स, डायलिसिस सप्लाई, ब्लड यूनिट्स, इंसुलिन, सर्जिकल इक्विपमेंट और अस्पताल के जेनरेटर चलाने के लिए फ्यूल — सबकुछ खत्म हो चुका है।
फिलिस्तीनी मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ को जरूरत की 520 दवाओं में से करीब 180 दवाइयां अब उपलब्ध नहीं हैं। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 97 दवाओं में से 50 दवाइयां पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। इससे करीब 4,000 कैंसर मरीजों की जान को फौरी खतरा है।
भीड़भाड़ वाले कैंप में बढ़ रहा संकट
दूतावास ने चेतावनी दी है कि भीड़भाड़ वाले डिस्प्लेसमेंट कैंप, साफ पानी की कमी, सैनिटेशन सिस्टम की तबाही और मलबे के नीचे दबी लाशों की मौजूदगी से पब्लिक हेल्थ हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। स्थिति को “बेमिसाल मानवीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा” बताया गया है।
फिलिस्तीनी हेल्थ अथॉरिटीज ने गुरुवार को कहा कि इजराइल की नरसंहारी कार्रवाई में 7 अक्टूबर 2023 से अब तक कम से कम 73,018 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है और 1,73,273 घायल हो चुके हैं। सीजफायर के बाद भी 1,007 लोग मारे गए हैं और 3,165 घायल हुए हैं।
फिलिस्तीनी दूतावास की यह अपील भारत की मानवीय परंपरा और दुनिया में उसकी भूमिका को लेकर एक अहम सवाल खड़ा करती है। गाजा का हेल्थकेयर सिस्टम तबाह हो चुका है और हजारों मरीजों की जान खतरे में है — यह वक्त मदद का है, सवालों का नहीं।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- Palestine Embassy Statement



