वरिष्ठ कांग्रेस नेता मतीन अंसारी से मिलने पहुंचे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, जबलपुर की राजनीति और संगठन पर हुई अहम चर्चा

जबलपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मतीन अंसारी के निवास पर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह पहुंचे। उन्होंने मतीन अंसारी के पिता स्वर्गीय हाजी हाफिज मोहम्मद शरीफ के इंतकाल पर ताज़ियत पेश की और परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुलाकात के दौरान प्रदेश और देश के मौजूदा सियासी हालात, कांग्रेस संगठन की स्थिति तथा जबलपुर में पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

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बैठक में विशेष रूप से जबलपुर की पूर्व विधानसभा और मध्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और आगामी राजनीतिक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। जयवर्धन सिंह ने मतीन अंसारी की संगठनात्मक सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर मजबूत और समर्पित नेतृत्व ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा, समाजसेवी मोहम्मद अकील, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आफिस इकबाल, मौलाना आजाद वार्ड कांग्रेस प्रभारी तौफीक चंकी, मुख्तार अंसारी, यावर चौधरी, मजहर उस्मानी, आजम कुरैशी, लतीफ अंसारी, रिजवान अंसारी, कैफ अंसारी सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चर्चा के दौरान जयवर्धन सिंह ने कहा कि देश की राजनीति का केंद्र आम लोगों के बुनियादी मुद्दे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समानता की बात करती है तो सबसे पहले यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड, समान शिक्षा व्यवस्था और समान स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करनी चाहिए। उनका कहना था कि देश के युवाओं को यूसीसी से अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सीबीएसई, नीट और पीएससी जैसी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस अवसर पर मतीन अंसारी ने भी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।




