सूफियाना कलामों से गूंजा आस्ताना, कुल शरीफ के साथ उर्स मुकम्मल

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । सूफियाना कलामों की गूंज और रूहानी माहौल में हज़रत अली हसन शाह अशरफी (घोड़ा अस्पताल वाले बाबा साहब) का चार दिवसीय उर्स शरीफ शुक्रवार को संपन्न हुआ। आखिरी दिन दरगाह परिसर में दोपहर 3 बजे कुल शरीफ और महफिल-ए-सिमा का आयोजन हुआ। पीर-ए-तरीकत हज़रत सूफी मोहसिन मियां कादरी चिश्ती अबुलउलाई की सदारत में हुई इस महफिल में शहर और दूर-दराज से बड़ी तादाद में अकीदतमंद और जायरीन पहुंचे।
News in Short
- हज़रत अली हसन शाह अशरफी का चार दिवसीय उर्स शरीफ जबलपुर में संपन्न हुआ
- कुल शरीफ और महफिल-ए-सिमा का आयोजन दोपहर 3 बजे दरगाह परिसर में हुआ
- सूफियाना कव्वालियों ने समाईन को कैफियत में डुबो दिया
- अमीर खुसरो के मशहूर कलाम “आज रंग है” से महफिल का समापन हुआ
- मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे के लिए खास दुआ की गई
सूफियाना कव्वालियों से महका आस्ताना
महफिल का आगाज़ दरबारी कव्वालों ने क़ौल से किया। इसके बाद एक से एक सूफियाना कव्वालियां पेश की गईं। कलामों ने ऐसा जादू किया कि पूरा आस्ताना कैफियत में डूब गया। अकीदतमंदों ने कव्वालियों पर भरपूर नज़राना पेश किया। महफिल के समापन पर हज़रत अमीर खुसरो का मशहूर कलाम “आज रंग है ऐ माँ रंग है री, मेरे महबूब के घर रंग है” गूंजा। इस कलाम ने पूरे आस्ताने को रूहानी रंग में सराबोर कर दिया।
दुआ के बाद तकसीम हुआ लंगर
महफिल-ए-सिमा के बाद पीर-ए-तरीकत हज़रत सूफी मोहसिन मियां कादरी चिश्ती अबुलउलाई ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की। इसके बाद कुल शरीफ की न्याज़ अदा की गई। सभी अकीदतमंदों और जायरीनों में लंगर तकसीम किया गया।
महफिल में सैय्यद आज़ाद अली, मुईन खान, खादिम-ए-आस्ताना अब्दुल रशीद, सूफी रज़ा कादरी चिश्ती, सलीम खान बादशाह, सूफी जावेद चिश्ती, पत्रकार मोहम्मद शरीफ, सूफी मुशाहिद कादरी, सूफी बिलाल कादरी, सूफी उवेद मोहसिनी और सूफी आदिल सहित तमाम अहम शख्सियतों ने शिरकत की।
उर्स के समापन पर दरगाह के खादिम अब्दुल रशीद और दूसरे सूफ़ी हज़रात ने दूर-दराज से आए तमाम जायरीनों और अकीदतमंदों का शुक्रिया अदा किया। चार दिवसीय उर्स शरीफ अकीदत, एहतराम और रूहानियत के माहौल में संपन्न हुआ।
📌 Sources & References
- स्थानीय रिपोर्ट
- दरगाह परिसर



