Jabalpur

बरगी बांध के 13 गेट खुले, गौरीघाट में दुकानें डूबीं

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । बरगी बांध के 13 गेट एक साथ खुलने से नर्मदा नदी उफान पर आ गई। गौरीघाट में पानी सड़क किनारे दुकानों तक पहुंच गया और कई मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गए। गुरुवार दोपहर 12 बजे चार नए गेट खोले गए, जिससे जल निकासी 1031 क्यूमेक से बढ़कर 3988 क्यूमेक हो गई।

News in Short

  • बरगी बांध के 13 गेट औसतन 2.15 मीटर ऊंचाई पर खुले
  • जल निकासी 3988 क्यूमेक तक पहुंची, घाटों का नजारा बदल गया
  • गौरीघाट में दुकानें डूबीं, कई मंदिर जलमग्न हुए
  • तिलवारा का पुराना पुल शाम तक डूब सकता है
  • प्रशासन ने घाट क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई

बरगी बांध से भारी जल निकासी, 13 गेट खुले

रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध में लगातार बढ़ते जलस्तर को काबू करने के लिए गुरुवार दोपहर चार नए गेट खोले गए। पहले से खुले 9 गेटों की ऊंचाई भी बढ़ा दी गई। अब कुल 13 गेट औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई पर चल रहे हैं। इससे जल निकासी तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है।

गुरुवार सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.15 मीटर था। कैचमेंट एरिया से 1761 क्यूमेक पानी की आवक हो रही थी। बढ़ती आवक को देखते हुए अतिरिक्त गेट खोलने का फैसला लिया गया। अगर पानी की आवक यूं ही बनी रही तो शाम तक चार और गेट खोले जा सकते हैं।

गौरीघाट में दुकानें और मंदिर डूबे

बांध से छोड़े गए भारी पानी का सीधा असर नर्मदा के घाटों पर दिखा। गौरीघाट में पानी सड़क किनारे बनी दुकानों तक पहुंच गया। कई छोटे-बड़े मंदिर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। घाट का पूरा स्वरूप ही बदल गया है।

भेड़ाघाट और तिलवारा घाट में भी जलस्तर सामान्य सीमा से काफी ऊपर चला गया है। तिलवारा के पुराने पुल के नीचे अभी पानी दो से तीन फीट नीचे है। अनुमान है कि शाम तक नदी का पानी 8 से 10 फीट और ऊपर आ सकता है, जिससे पुराना पुल भी जलमग्न हो सकता है।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, घाटों से दूर रहने की अपील

पानी का तेज बहाव देखते हुए प्रशासन ने घाट क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को घाटों से दूर कर रही हैं। तटीय इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रखा गया है। कछारी गांवों और नर्मदा के निचले इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। परियोजना प्रबंधन ने श्रद्धालुओं, नाविकों और नागरिकों से नदी घाटों और डूब क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे घाटों पर सेल्फी लेने, स्नान करने या नदी के पास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। अचानक बढ़े जलप्रवाह में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

📌 Sources & References

  • EMS Jabalpur
  • सुनील साहू

Back to top button

You cannot copy content of this page