APCR News: खारगोन राम नवमी केस: कोर्ट ने 11 मुसलमान आरोपियों को बरी किया

खारगोन | BAZ Media Bhopal Division । दो साल जेल में बिताने के बाद आखिरकार इंसाफ मिला। खारगोन की अदालत ने 2022 की राम नवमी हिंसा केस में 11 मुसलमान आरोपियों को बरी कर दिया। सबूतों की कमी और गवाहों के पलटने से केस ढह गया।
News in Short
- खारगोन की अदालत ने राम नवमी हिंसा के 11 आरोपियों को बरी किया
- आरोपी 462 से 827 दिन तक जेल में रहे
- 13 में से 8 गवाह पलट गए, किसी ने आरोपियों की शिनाख्त नहीं की
- FSL रिपोर्ट में पेट्रोल बम के कोई सबूत नहीं मिले
- APCR ने कानूनी मदद मुहैया कराई
खारगोन राम नवमी हिंसा केस में गवाह पलटे
खारगोन की चौथी अतिरिक्त सत्र अदालत ने साफ कहा — इल्जाम साबित नहीं हुए। 13 गवाहों में से 8 पलट गए। शिकायतकर्ता तक ने कोर्ट में आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। पुलिस ने टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) भी नहीं कराई।
पुलिस का आरोप था कि ये 11 मुसलमान भीड़ का हिस्सा थे। हिंदू घरों पर पत्थरबाजी की, पेट्रोल बम फेंके, गाड़ियां जलाईं। धाराएं लगीं — दंगा, आगजनी, साजिश, घर में घुसपैठ और विस्फोटक पदार्थ कानून।
लेकिन अदालत ने पाया — सिर्फ एक गवाह की गवाही पर केस टिका था। उसका बयान हादसे के 51 दिन बाद दर्ज हुआ। FIR में उसका नाम तक नहीं था। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में पेट्रोल, डीजल या मिट्टी के तेल के निशान नहीं मिले। पेट्रोल बम वाला इल्जाम खुद-ब-खुद गिर गया।
462 से 827 दिन जेल में बिताए आरोपियों ने
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने इन 11 आरोपियों को कानूनी मदद दी। संस्था के मुताबिक, कुछ आरोपी 462 दिन तो कुछ 827 दिन तक जेल में रहे। कोई मजदूर था, कोई छोटा दुकानदार। पुलिस ने अंधाधुंध गिरफ्तारियां कीं।
वकील रेखा श्रीवास्तव ने APCR की तरफ से पैरवी की। अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दंगा, आगजनी, साजिश और विस्फोटक कानून के तहत लगी धाराओं से बरी कर दिया।
राम नवमी हिंसा में मुसलमानों पर टूटा था कहर
10 अप्रैल 2022 को खारगोन में राम नवमी जुलूस के दौरान हिंसा भड़की। एक मुस्लिम युवक इदरीस खान की मौत हुई। दर्जनों मुसलमान गिरफ्तार हुए। 45 मकान-दुकानें बुलडोजर से गिराई गईं — सभी मुसलमानों की।
सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सिक्युलरिज्म (CSSS) की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट ने आरोप लगाया था — मुसलमानों को निशाना बनाया गया। जानें गईं, प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ। 70 मुसलमान और 20 हिंदू जेल में थे।
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने उसी दिन खारगोन में भड़काऊ भाषण दिया था। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पत्थरबाजों के घर गिराने की चेतावनी दी थी। उसके बाद सिर्फ मुसलमानों के मकान गिरे।
यह फैसला उन लोगों के लिए राहत है जो महीनों जेल में रहे। APCR ने कहा — हम गलत मुकदमों में फंसे लोगों की कानूनी मदद जारी रखेंगे। इंसाफ मिलना चाहिए, भले देर से मिले।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- APCR



