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दलित बच्ची को पेड़ से बांधकर पीटने पर देवरिया में दुकानदार गिरफ्तार

देवरिया | 01 जून 2024 | BAZ Media Bhopal Division | MP | BAZ Desk | Bazmedia.in

News in Short

  • यूपी के देवरिया जिले में 14 साल की दलित बच्ची को चोरी के संदेह में दुकानदार ने बालों से घसीटा और पूरे गांव में घुमाया
  • दुकानदार हरिकेश गुप्ता ने बच्ची को नीम के पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ
  • पुलिस ने SC/ST Act और BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, दलित संगठनों ने कड़ा विरोध जताया

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में चोरी के संदेह में एक 14 वर्षीय दलित बच्ची के साथ बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। तारकुलवा थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में दुकानदार हरिकेश गुप्ता ने बच्ची को बालों से पकड़कर पूरे गांव में घसीटा और फिर अपने घर के बाहर नीम के पेड़ से बांधकर निर्ममता से पीटा। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक आक्रोश फैला। पुलिस ने 1 जून को हरिकेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।

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दलित बच्ची पेड़ बांधकर पीटे जाने की घटना का विवरण

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरिकेश गुप्ता को अपनी दुकान से चोरी होने का संदेह था। 31 मई को उसने 14 साल की दलित बच्ची पर यह आरोप लगाया और उसे बालों से पकड़कर पूरे गांव में घसीटना शुरू कर दिया। पीड़िता के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने बच्ची के साथ जातिगत गालियां दीं और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

इसके बाद दुकानदार ने बच्ची को अपने घर के सामने लगे नीम के पेड़ से रस्सी से बांध दिया और लाठी से बेरहमी से पीटा। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में गुप्ता को बच्ची को पेड़ से बांधे और मारते हुए साफ देखा जा सकता है।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

सर्कल अधिकारी सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि 31 मई को डायल 112 पर सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ी को बचाया। “हमें सूचना मिली कि एक दुकानदार चोरी के संदेह में एक लड़की से जबरन पूछताछ कर रहा है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है,” उन्होंने कहा।

पुलिस ने हरिकेश गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को 1 जून को गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता की चिकित्सीय जांच कराई गई और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।

दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

इस घटना पर दलित अधिकार समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा विरोध जताया है। एंटी-कास्ट एक्टिविस्ट सूरज कुमार बौद्ध ने सवाल उठाया, “क्या इस देश में दलितों के लिए कोई सरकार, न्यायपालिका, कानून व्यवस्था, बाल अधिकार आयोग या मानवाधिकार आयोग है, या सभी संस्थान सिर्फ उच्च जातियों के लिए हैं?”

सोशल एक्टिविस्ट रवि पारमार ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा, “अगर आरोपी उच्च जाति समुदाय का है और पीड़ित दलित है, तो इस देश में इसे अपराध भी नहीं माना जाता।” द दलित वॉइस नामक सोशल मीडिया हैंडल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत दलितों के लिए कब्रिस्तान बनता जा रहा है। यूपी के देवरिया में एक नाबालिग दलित बच्ची को दिन दहाड़े गांव में घुमाया गया, पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया।”

उन्होंने मीडिया की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “फिर भी मीडिया कवरेज नहीं हुई क्योंकि आरोपी उच्च जाति के हिंदू हैं।” कई सामाजिक संगठनों ने पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने और कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग की है।

यह घटना उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों की एक और मिसाल है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता कड़े कानून के साथ-साथ मानसिकता में बदलाव की भी मांग कर रहे हैं। यह मामला जातिगत भेदभाव, बाल अधिकारों के उल्लंघन और सामाजिक न्याय के सवालों को फिर से सामने लाता है।

📌 Sources & References

  • पुलिस रिपोर्ट
  • सर्कल अधिकारी सुनील कुमार रेड्डी
  • सोशल मीडिया

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