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शाहजाद अली हत्याकांड में पुलिस अफसर समेत चार गिरफ्तार

सिवान | 9 जून 2024 | बिहार->बीएजेड मीडिया भोपाल डिविजन | बीएजेड डेस्क | Bazmedia.in

संक्षेप में खबर

  • सिवान जिले में शाहजाद अली हत्याकांड में अब तक पांच लोग गिरफ्तार हुए हैं
  • एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को लापरवाही के आरोप में तुरंत निलंबित किया गया है
  • पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की जा रही है

शाहजाद अली हत्याकांड में बिहार पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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शाहजाद अली हत्याकांड में पांच गिरफ्तार

सिवान जिले के बारहरिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 30 मई को 25 वर्षीय शाहजाद अली की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। शिवराजपुर गांव के रहने वाले शाहजाद को गांववासियों के एक समूह ने पकड़ा था, फिर पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित की पत्नी मोबीना खातून द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, उसके पति को गांववासियों द्वारा बलपूर्वक घर से ले जाया गया और मार-पीट से उसकी जान ले ली गई।

पुलिस ने मामले में सात नामजद आरोपियों और कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस संख्या 230/28 दर्ज की है। तहकीकात में विशेष टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व सड़ार-01 के एसडीपीओ ने किया। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पहला आरोपी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आगे की तहकीकात में चार और आरोपियों को पकड़ा गया।

पुलिस अफसर निलंबित, घरेलू कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई

मामले में पुलिस की लापरवाही का भी पता चला है। सिवान के पुलिस अधीक्षक ने पाया कि डायल-112 आपातकालीन सेवा के तहत तैनात अफसरों ने गंभीर लापरवाही दिखाई। सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार को 30 मई को शिवराजपुर में संदिग्ध चोर की गिरफ्तारी की सूचना मिली थी, लेकिन उन्होंने भीड़ से व्यक्ति को बचाकर सुरक्षात्मक हिरासत में लेने की बजाय उसे भीड़ के बीच छोड़ दिया।

इस लापरवाही और कर्तव्य से विमुखता के कारण सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने डायल-112 टीम के साथ तैनात होम गार्ड्स नंदजी यादव और मुक्तिनाथ के अनुबंध को रद्द करने की सिफारिश की है। बारहरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

पीड़ित परिवार की आवाज़ और जनांदोलन

पीड़ित की पत्नी मोबीना खातून का आरोप है कि कई लोग उनके घर आए और बलपूर्वक उनके पति को ले गए। उन्होंने कहा कि करीब पांच-छह लोगों ने उसे मारा और उसे मार डाला। शिकायत में आरोपियों पर अमित चौधरी, प्रमेंद्र मंझी, छत्थु मंझी, अवध किशोर चौधरी, गुड्डु मंझी, रंजन चौधरी और मंटू कुमार समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। हत्या में शाहजाद से 5,000 रुपये भी छीने गए।

2 जून को परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और सामाजिक संगठनों ने बारहरिया शहर में एक विरोध मार्च का आयोजन किया। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माक्र्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, शाहजाद के परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट हटवाने की भी कोशिश की है। सिवान साइबर पुलिस स्टेशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी किया है। पत्रकार मीर फैसल ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया है और कहा है कि न्याय और तहकीकात को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, पत्रकारिता को दबाया नहीं जाना चाहिए।

📌 Sources & References

  • Maktoob Media
  • सिवान पुलिस

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