
जबलपुर | 07 May 2025 BAZ Media Jabalpur Division | BAZ Desk | Bazmedia.in
News in Short
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में मंगलवार देर रात अचानक बिजली आपूर्ति बाधित
- वार्डों और गलियारों में अंधेरा, गंभीर मरीजों के परिजनों में चिंता और अफरातफरी
- बैकअप व्यवस्था की तैयारी पर सवाल, प्रशासन ने सुधार का दिया भरोसा
बिजली गुल अस्पताल परिसर में मंगलवार देर रात अचानक आई चुनौती ने जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में अफरातफरी मचा दी। विद्युत आपूर्ति बाधित होते ही कई वार्ड, गलियारे और विभाग अंधेरे में डूब गए। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के परिजनों और अस्पताल कर्मियों में कुछ समय के लिए घबराहट की स्थिति बनी। हालांकि प्रशासन ने बैकअप सिस्टम सक्रिय करने का दावा किया, लेकिन प्रारंभिक अव्यवस्था ने आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
बिजली गुल होते ही अस्पताल में अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार देर रात जब अचानक बिजली बंद हुई तो अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया। वार्डों में भर्ती मरीजों की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। विशेष रूप से गंभीर स्थिति में भर्ती मरीज जो आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर निर्भर थे, उनके परिजन अत्यधिक चिंतित नजर आए। कुछ परिजनों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी का इंतजाम किया।
गलियारों और आपातकालीन विभाग में भी कुछ समय के लिए व्यवस्थाएं थमी रहीं। अस्पताल कर्मियों ने हड़बड़ी में बैकअप व्यवस्था सक्रिय करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना फैल चुकी थी। कई लोगों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही करार दिया।
करोड़ों के बजट के बावजूद बैकअप व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए के बजट और अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों के बावजूद ऐसी स्थिति बेहद शर्मनाक है। एक परिजन ने कहा, “यदि बिजली लंबे समय तक बाधित रहती तो गंभीर मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू में ऐसी स्थिति भयावह हो सकती थी।”
लोगों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े मेडिकल कॉलेज में तत्काल बैकअप व्यवस्था क्यों नहीं शुरू हुई। कई परिजनों ने बताया कि अस्पताल में व्यवस्थागत कमियों को लेकर पहले भी शिकायतें होती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने मांग की कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लें और जवाबदेही तय करें।
प्रशासन ने दिया सुधार का भरोसा
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी यूनिटों, जनरेटर, इन्वर्टर और वायरिंग की जांच की जाएगी। आवश्यक सुधार और रखरखाव कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपातकालीन व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने का सटीक कारण क्या था और बैकअप सिस्टम में देरी क्यों हुई।
यह घटना चिकित्सा संस्थानों में आपातकालीन तैयारियों की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती है। जबलपुर के इस प्रमुख मेडिकल कॉलेज में हजारों मरीज इलाज के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति और बैकअप व्यवस्था में किसी तरह की चूक जानलेवा साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने सुधार के वादों को कितनी गंभीरता से लागू करता है।
📌 Sources & References
- प्रत्यक्षदर्शी
- अस्पताल प्रशासन


