
मज़लूमों की आवाज़ बुलंद करने भोपाल में जुटेंगे मुल्कभर के बुद्धिजीवी, वकील और सामाजिक रहनुमा
भोपाल। मुल्क में बढ़ते सामाजिक अन्याय, बेगुनाह लोगों पर हो रहे जुल्म, संविधान और नागरिक अधिकारों की हिफाज़त के सवालों के बीच Association for Protection of Civil Rights (APCR) की जानिब से 17 मई 2026 को भोपाल में एक अहम “स्टेट कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस भोपाल के लाल घाटी स्थित क्रेसेंट क्लब में सुबह 10:30 बजे से आयोजित होगी।
“मज़लूमों की आवाज़ बनो, भोपाल चलो” के पैगाम के साथ आयोजित इस कॉन्फ्रेंस को लेकर प्रदेशभर में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इंसाफ, बराबरी, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की हिफाज़त के लिए एक मजबूत सामाजिक पहल है।
APCR जबलपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर मेहदी हसन का पैगाम
APCR एक राष्ट्रीय स्तर की मानवाधिकार संस्था है, जो वर्ष 2006 से देशभर में कानूनी सहायता, मानवाधिकार संरक्षण, फैक्ट फाइंडिंग, पैरालीगल ट्रेनिंग और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों पर काम कर रही है। संस्था खास तौर पर समाज के कमजोर और मज़लूम तबकों की कानूनी मदद और आवाज़ उठाने का कार्य करती है।
कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. अपूर्वानंद, सामाजिक चिंतक योगेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता मोहम्मद अदीब, APCR के महासचिव मलिक मोतासिम खान और राष्ट्रीय सचिव नदीम खान मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहेंगे।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में मुल्क के मौजूदा हालात, अल्पसंख्यकों के अधिकार, शिक्षा, मीडिया की भूमिका, कानूनी जागरूकता और संविधान की हिफाज़त जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जबलपुर से भी इस कॉन्फ्रेंस को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और आयोजकों का कहना है कि जबलपुर से सैकड़ों की तादाद में लोगों के भोपाल पहुंचने की संभावना है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों से संपर्क किया जा रहा है और युवाओं में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष रुचि दिखाई दे रही है।
कार्यक्रम के लिए जबलपुर में संपर्क और समन्वय की जिम्मेदारी मेहदी हसन को दी गई है। इच्छुक लोग अधिक जानकारी और यात्रा संबंधी सहायता के लिए 9074760960 पर संपर्क कर सकते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा दौर में जब समाज का एक बड़ा तबका अपने हक़ और इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में इस तरह की कॉन्फ्रेंस लोगों को जागरूक करने और एकजुट करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।



