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ईरान के पास अमेरिका को चौंकाने के कई पत्ते: इराकी विश्लेषक

बगदाद | BAZ News Network (BNN) । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराकी राजनीतिक विश्लेषक ने बड़ा बयान दिया है। अथीर अल-शराअ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इजरायली हितों के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन तेहरान के पास वाशिंगटन को जवाब देने के कई पत्ते मौजूद हैं। उन्होंने साफ किया कि ट्रंप वो प्लान अंजाम दे रहे हैं जिसे पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ठुकरा दिया था।

News in Short

  • इराकी विश्लेषक अथीर अल-शराअ ने ट्रंप पर इजरायली एजेंडा चलाने का आरोप लगाया
  • 27 जून 2026 से अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौता तोड़कर ईरान पर हमले शुरू किए
  • ट्रंप ‘न्यू मिडिल ईस्ट’ प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र में अफरातफरी फैलाना चाहते हैं
  • ईरान का कहना है कि खाड़ी की सुरक्षा विदेशी दखल के बिना होनी चाहिए

ट्रंप पर लगा इजरायली एजेंडा चलाने का आरोप

इराकी न्यूज एजेंसी अलमालूमा की रिपोर्ट के मुताबिक अथीर अल-शराअ ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इजरायली हितों के मुताबिक काम कर रहे हैं। यह वही प्लान है जिसे बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल में लागू करने से इनकार कर दिया था। विश्लेषक का कहना है कि ट्रंप सायनिस्ट हलकों की मांगों को पूरा करने के लिए ‘न्यू मिडिल ईस्ट’ प्रोजेक्ट पर अमल कर रहे हैं।

अल-शराअ ने कहा कि ईरान पर हमला करके और उसके इलाके को निशाना बनाकर ट्रंप पूरे क्षेत्र में अफरातफरी फैलाना चाहते हैं। लेकिन तेहरान के पास ऐसे कई पत्ते हैं जिनसे वह वाशिंगटन और अमेरिकी हुकूमत को चौंका सकता है।

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27 जून से शुरू हुआ ईरान अमेरिका तनाव

27 जून 2026 से अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन करते हुए ईरान पर हमले फिर से शुरू कर दिए। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर कथित हमलों का हवाला देते हुए वाशिंगटन ने नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लागू कर दी। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिसके बाद वैश्विक ध्यान फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित हो गया।

ईरान का साफ कहना है कि खाड़ी की सुरक्षा फारस की खाड़ी के तटवर्ती देशों को बिना किसी विदेशी सैन्य दखल के सुनिश्चित करनी चाहिए। अमेरिकी आक्रामकता के बाद क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है।

क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान टकराव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। तेहरान ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

📌 Sources & References

  • IRNA
  • AlMaalouma

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