VHP ने AIMPLB के देशव्यापी आंदोलन का किया विरोध

नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रस्तावित देशव्यापी “संविधान और शरिया संरक्षण आंदोलन” का सख्त विरोध किया। VHP का कहना है कि संविधान को शरिया के बराबर रखना राष्ट्रीय एकता के खिलाफ है।
News in Short
- VHP ने AIMPLB के संविधान और शरिया संरक्षण आंदोलन को संविधान विरोधी बताया
- विजय शंकर तिवारी ने कहा — संविधान सर्वोपरि है, कोई निजी कानून इससे ऊपर नहीं हो सकता
- AIMPLB ने पिछले हफ्ते बड़े शहरों में विरोध कार्यक्रम और व्हाइट पेपर जारी करने का ऐलान किया था
- VHP ने सवाल उठाया — संविधान और शरिया में टकराव हो तो क्या मानेंगे?
VHP ने AIMPLB के आंदोलन पर उठाए सवाल
VHP के केंद्रीय संयुक्त सचिव विजय शंकर तिवारी ने मंगलवार को कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भारतीय संविधान की तुलना शरिया से की है। यह पूरी तरह असंवैधानिक है। तिवारी ने कहा — संविधान को स्वीकार करो, कानून का पालन करो और राष्ट्र का सम्मान करो, यही असली सुरक्षा है।
AIMPLB ने पिछले हफ्ते यह देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया था। बोर्ड ने कहा था कि वह बड़े शहरों में सार्वजनिक बैठकें और विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगा। साथ ही मुसलमानों के खिलाफ कथित भेदभाव, संविधान उल्लंघन और मानवाधिकार हनन पर “व्हाइट पेपर” भी जारी करेगा।
क्या है AIMPLB का मकसद?
AIMPLB ने इस अभियान को संविधान, लोकतंत्र, कानून का राज, धार्मिक स्वतंत्रता, मानव गरिमा, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की रक्षा के लिए व्यापक राष्ट्रीय संघर्ष बताया है। बोर्ड का दावा है कि मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तिवारी ने कहा — मुसलमानों को संविधान द्वारा दिए गए सभी अधिकार मिलने चाहिए, लेकिन उन्हें देश के कानूनों का पालन भी करना होगा। नागरिकता के साथ कर्तव्य भी आते हैं — देश के कानून मानना, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना और समान नागरिक संहिता की भावना को समझना।
संविधान और शरिया में टकराव हो तो क्या?
VHP नेता ने AIMPLB के अभियान के आधार पर ही सवाल उठाया। तिवारी ने पूछा — अगर संविधान और शरिया में टकराव हो तो क्या मानेंगे? संविधान या शरिया? यह सवाल बोर्ड को जवाब देना होगा।
तिवारी ने AIMPLB के भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा — जब भी अवैध निर्माण तोड़ने की बात होती है, जिसका भी अवैध निर्माण है, वह तोड़ा जाता है। लेकिन अगर मुस्लिम समुदाय का अवैध निर्माण तोड़ा जाए तो वे खुद को पीड़ित बताने लगते हैं। यह नहीं चल सकता।
VHP ने वंदे मातरम के सम्मान को किसी धर्म पर हमला न मानने की अपील की। तिवारी ने मुसलमानों से कहा कि वे समुदाय के नेताओं के बयानों से पैदा हुए डर से प्रभावित न हों।
VHP ने इस प्रस्तावित आंदोलन को अस्वीकार्य बताया और नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन की कोशिशों के खिलाफ सतर्क रहें। संगठन का कहना है कि संविधान सर्वोपरि है और कोई निजी कानून इससे ऊपर नहीं हो सकता।
📌 Sources & References
- The Observer Post
- VHP official statement



