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BAZ World: मक्का में बना नया फौजी गठबंधन! सऊदी, पाकिस्तान और तुर्किये ने किया बड़ा डिफेंस एग्रीमेंट। एक पर हमला यानी तीनों पर हमला! 

मक्का | BAZ News Network (BNN) । मिडिल ईस्ट में बढ़ते फौजी तनाव के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने एक बड़ा डिफेंस एग्रीमेंट साइन किया। मक्का में हुए इस ऐतिहासिक समझौते में तीनों मुल्कों ने तय किया कि किसी एक पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।

News in Short

  • सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में ट्राईलेटरल डिफेंस एग्रीमेंट साइन किया
  • एक पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा — पाकिस्तान विदेश मंत्रालय
  • पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असिम मुनीर सऊदी अरब पहुंचे
  • तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की
  • करीब एक साल की बातचीत के बाद डील फाइनल हुई

सऊदी पाकिस्तान तुर्किये डिफेंस डील की खास बातें

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एलान किया कि यह एग्रीमेंट तीनों देशों के बीच सिक्योरिटी कोऑपरेशन को मजबूत करेगा। इस्लाम की सबसे पवित्र जगह मक्का में यह समझौता होना खास अहमियत रखता है। इससे पहले पाकिस्तानी वज़ीरे-आज़म शहबाज शरीफ और ताकतवर आर्मी चीफ जनरल असिम मुनीर ने मक्का में उमरा किया।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन भी शुक्रवार को सऊदी अरब पहुंचे और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिले। सऊदी अरब पर ईरान, यमन के हूती गुटों और इराक के शिया लड़ाकू ग्रुपों ने कई बार हमले किए हैं — खासकर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर अटैक के बाद।

क्षेत्रीय तनाव और तेल निर्यात पर खतरा

इन हमलों ने सऊदी अरब के तेल एक्सपोर्ट और महत्वाकांक्षी डेवलपमेंट प्लान्स को खतरे में डाल दिया है। अमेरिकी सिक्योरिटी अंब्रेला की भरोसेमंदी पर भी सवाल उठे हैं। तुर्किये और पाकिस्तान को फिलहाल सीधे बड़े हमलों का सामना नहीं करना पड़ा है, लेकिन दोनों मुल्क क्षेत्रीय कॉन्फ्लिक्ट को शांत करने के लिए परेशान हैं — क्योंकि यह उनकी सिक्योरिटी और इकॉनमी के लिए खतरा है।

यह डील करीब एक साल की बातचीत के बाद फाइनल हुई। तीनों मुल्कों के बीच पहले से भी द्विपक्षीय फौजी संबंध हैं। पाकिस्तान दशकों से सऊदी फोर्सेज को ट्रेनिंग और टेक्निकल मदद देता रहा है। तुर्किये और पाकिस्तान ने वॉरशिप्स और ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट का आदान-प्रदान किया है। 2023 में सऊदी अरब ने तुर्की ड्रोन्स खरीदने का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था।

इस्लामिक देशों के बीच यह नया फौजी गठबंधन मिडिल ईस्ट की बदलती जियोपॉलिटिक्स का संकेत है। अमेरिकी सिक्योरिटी पर निर्भरता घटाने और आपसी ताकत बढ़ाने की कोशिश साफ नजर आती है।

📌 Sources & References

  • Al Jazeera
  • Reuters

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