
जबलपुर, 19 मार्च 2026 । शहर के व्यस्त इलाके हनुमानताल के पास बुधवार शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा होते-होते टल गया। दमोहनाका से हनुमानताल की ओर जा रहा एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर सवारियों समेत सीधे तालाब में उतर गया। रिक्शा में उस समय चार से पांच महिला सवारियां बैठी थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब किनारे पहुंचते ही वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ई-रिक्शा ढलान से फिसलता हुआ पानी की ओर बढ़ गया। मौके पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बीच रिक्शा का अगला पहिया किनारे पर पड़े एक बड़े पत्थर में फंस गया। यही पत्थर सवारियों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।
पत्थर नहीं होता तो गहराई में समा जाता रिक्शा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहिया पत्थर में नहीं फंसता तो ई-रिक्शा सीधे गहरे पानी में चला जाता। ऐसे में भीतर बैठी महिलाओं की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। घटना के कुछ ही सेकंड में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।
लोगों ने दिखाई बहादुरी
मौजूद नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए पहले सवारियों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद लकड़ी और रस्सियों की मदद से सामूहिक प्रयास कर ई-रिक्शा को तालाब से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
चालक मौके से फरार
घटना के बाद चालक कथित रूप से मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वह नशे में था। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।
तालाब किनारे रेलिंग की मांग तेज
इस चौंकाने वाली घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने हनुमानताल के चारों ओर मजबूत रेलिंग लगाने की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि तालाब किनारे सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण पहले भी छोटे-बड़े हादसे होते रहे हैं। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
शहरवासियों का मानना है कि यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है। एक पत्थर ने भले ही आज जिंदगियां बचा लीं, लेकिन हर बार किस्मत इतनी मेहरबान रहे, यह जरूरी नहीं।



