
गलती किसकी, सजा किसे? 4 दिन से बिना बिजली के रह रहे ठक्करग्राम के लोग, पानी तक के लिए तरसे
BAZ MEDIA, Jabalpur । जबलपुर के शास्त्री वार्ड स्थित राजू टेंट के समीप ठक्करग्राम इलाके में पिछले 4 दिनों से बिजली गुल होने के कारण करीब 100 परिवार भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूबा हुआ है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रातभर गर्मी से बेहाल हैं, वहीं पानी की समस्या और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी दिक्कतें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पूरे विवाद की जड़ अशफाक अहमद और तस्लीम बानों के मकान के अंदर से गुजर रही मध्यम दाब विद्युत लाइन है। विद्युत विभाग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इलाके की बिजली काट दी, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
“जब कच्चा मकान था तब कोई लाइन नहीं थी” – तस्लीम बानों
तस्लीम बानों का कहना है कि वो यहाँ 15 साल से रह रहीं हैं. जब उनका कच्चा मकान था, तब वहां से कोई बिजली लाइन नहीं गुजरती थी। बाद में विभाग ने उनके घर के ऊपर से बिजली लाइन निकाल दी। लगभग 7 साल पहले जब उन्होंने पक्का मकान बनाना शुरू किया, तब उन्होंने विभाग में आवेदन देकर इस समस्या की जानकारी भी दी थी।

उनका आरोप है कि कोरोना काल के दौरान विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कहा गया कि “बाद में देख लेंगे।” वहीं क्षेत्रीय नेताओं ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि फिलहाल मकान बना लें, बाद में लाइन एडजस्ट कर दी जाएगी।
इसी दौरान मकान निर्माण पूरा हो गया और जो लाइन पहले ऊपर से गुजर रही थी, वह अब मकान के अंदर के हिस्से में आ गई। अब विद्युत विभाग मकान तोड़ने की बात कर रहा है।
“मकान तोड़ना समाधान नहीं, लाइन डायवर्ट की जाए”
तस्लीम बानों का कहना है कि उनका परिवार विभाग के हर संभव सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन मकान तोड़ना किसी समस्या का हल नहीं हो सकता।

उन्होंने मांग की है कि विभाग लाइन को छत के ऊपर या साइड से डायवर्ट करे। उनका कहना है कि लाइन शिफ्ट करने में जो खर्च आएगा, वह भी उनका परिवार उठाने को तैयार है। इससे मकान भी सुरक्षित रहेगा और बिजली व्यवस्था भी सुचारु हो सकेगी।
“आगे भी कई मकानों के ऊपर से गुजर रही लाइन”
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि केवल तस्लीम बानों का मकान ही इस समस्या से प्रभावित नहीं है। जिस लाइन को लेकर विवाद हो रहा है, वह आगे करीब 6 से 7 अन्य कच्चे मकानों के ऊपर से भी गुजर रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर विभाग ने समय रहते लाइन डायवर्ट नहीं की, तो भविष्य में अन्य परिवारों के सामने भी यही संकट खड़ा होगा। लोगों का सुझाव है कि विभाग साइड में नए खंभे लगाकर लाइन को दूसरी दिशा में शिफ्ट करे, ताकि वर्तमान और भविष्य दोनों की समस्या का समाधान हो सके।
राजनीति भी गरमाई, अलग-अलग नेताओं के अलग रुख
इस पूरे घटनाक्रम में क्षेत्रीय राजनीति भी गर्मा गई है। क्षेत्र के एमआईएम पार्षद जहां आम जनता और प्रभावित परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं, वहीं कुछ अन्य नेता मकान तोड़ने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर इलाके में लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि आम जनता को बिना गलती के सजा दी जा रही है।
4 दिन से कोई सुनवाई नहीं
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बिजली बहाल की जाए और ऐसा स्थायी समाधान निकाला जाए जिससे किसी गरीब परिवार का घर भी न टूटे और पूरे मोहल्ले को गर्मी में परेशान भी न होना पड़े।



