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Bargi क्रूज कांड: 9 शव मिले, 4 लापता… पायलट समेत 3 बर्खास्त | क्या सिस्टम जिम्मेदार?

जबलपुर। मध्य प्रदेश के Bargi Dam में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई गंभीर लापरवाहियों की परतें खोल गया है। खुशियों से भरी एक सैर कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और मातम में बदल गई। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3 बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता हैं।

गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक आई तेज आंधी-तूफान की चपेट में आ गया। हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा बताई गई है।
क्रूज किनारे से लगभग 300 मीटर दूर था, तभी वह अनियंत्रित होकर पलट गया।

बताया जा रहा है कि क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों के ही कटे थे।

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🚨 रेस्क्यू ऑपरेशन: 28 बचाए गए, तलाश जारी

घटना के बाद SDRF और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 4 लोग अब भी लापता हैं।

शुक्रवार शाम तेज बारिश और अंधेरे के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह 5 बजे से फिर शुरू किया जाएगा।


⚖️ लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई की है—

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  • क्रूज पायलट महेश पटेल बर्खास्त
  • हेल्पर छोटेलाल गोंड बर्खास्त
  • टिकट प्रभारी बृजेंद्र बर्खास्त
  • मैनेजर सुनील मरावी सस्पेंड
  • रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा के खिलाफ विभागीय जांच

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।


🕯️ दिल दहला देने वाली कहानी: मां-बेटे की आखिरी झप्पी

इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर दिल्ली से आए परिवार की है।
मरीना मैसी (39) और उनका 4 साल का बेटा त्रिशान—दोनों की मौत हो गई।

जब रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।
मां ने अपनी लाइफ जैकेट में बच्चे को कसकर पकड़ रखा था…
मौत भी इस रिश्ते को अलग नहीं कर सकी।

पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह बच गए—लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा उनसे छिन गया।


😢 एक ही परिवार के कई सदस्य प्रभावित

खमरिया के कामराज आर्य अपने परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने आए थे।
उनके माता-पिता किनारे पर थे, लेकिन पत्नी, बच्चे और अन्य सदस्य क्रूज में सवार थे।

एक बेटे को बचा लिया गया, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता हैं।


⚠️ पायलट का बयान

क्रूज पायलट महेश पटेल (10 साल का अनुभव) ने कहा—
“सब कुछ बहुत अचानक हुआ… किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।”


🏛️ सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर गहरा शोक जताया है।
प्रधानमंत्री राहत कोष से—

  • मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
  • घायलों को ₹50,000

की सहायता देने की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और खुद मौके का निरीक्षण भी किया।


❗ कई सवाल खड़े

इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • तय क्षमता से ज्यादा लोग क्यों सवार थे?
  • क्या सभी ने लाइफ जैकेट पहनी थी?
  • मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज क्यों चला?
  • 20 साल पुराने क्रूज की सुरक्षा जांच कितनी मजबूत थी?

🕊️ मौत का आंकड़ा और लापता लोग

अब तक मिले 9 शवों में 1 बच्चा और 8 महिलाएं शामिल हैं।
वहीं 3 बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।


📝 निष्कर्ष

बरगी डैम का यह हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि इंसानी लापरवाही की भी कहानी बनता जा रहा है।
एक तरफ प्रशासन की कार्रवाई है, दूसरी तरफ उन परिवारों का दर्द—जो कभी नहीं भर पाएगा।

यह हादसा याद दिलाता है कि एक छोटी सी चूक… कई जिंदगियां छीन सकती है।

Jabalpur Baz

बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
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