BAZ World: अमेरिका-ईरान शांति समझौता: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म !

वाशिंगटन | BAZ News Network (BNN) । दशकों की दुश्मनी के बाद अमेरिका और ईरान आखिरकार शांति की राह पर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऐलान किया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता तय हो गया है। 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक दस्तखत होगा। इस डील के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर फौरन युद्ध बंद होगा।
News in Short
- अमेरिका-ईरान शांति समझौता तय, 19 जून को स्विट्जरलैंड में दस्तखत
- ट्रंप ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का आदेश जारी किया
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तुरंत युद्ध खत्म होगा
- 60 दिन की अवधि में तकनीकी बातचीत पूरी होगी
- अमेरिका ईरान की जमा संपत्ति रिलीज करेगा
ट्रंप ने हटाई नौसैनिक नाकाबंदी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर समझौते की पुष्टि की। उन्होंने लिखा — “मैं हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का आदेश देता हूं। साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाई जाए। दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू करें। तेल बहने दो।”
ईरान पर लगाई गई नाकाबंदी क्षेत्रीय तनाव की बड़ी वजह थी। इसके हटते ही दुनियाभर में तेल की आपूर्ति सामान्य होगी। खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।
लेबनान में भी खत्म होगी जंग
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय ने बयान जारी किया। इसमें कहा गया — हासिल समझौते के मुताबिक, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य कार्रवाई आज रात से तुरंत और स्थायी रूप से खत्म होगी। साथ ही ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी भी पूरी तरह हटेगी।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम गरीबाबादी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा — अंतिम डील की बातचीत 60 दिन की अवधि में होगी। इसमें पुष्टि की जाएगी कि अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी कीं। इनमें दुश्मनी खत्म करना, नाकाबंदी हटाना और जमा संपत्ति रिलीज करना शामिल है।
पाकिस्तान PM ने की पहले ऐलान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सबसे पहले इस ऐतिहासिक समझौते की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा — समझौता अब लागू है। मध्यस्थ इस हफ्ते बैठकों की सुविधा देंगे। ये लागू करने से पहले की बातचीत तकनीकी वार्ता और आधिकारिक दस्तखत समारोह की नींव रखेगी।
पाकिस्तान ने इस सौदे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शरीफ की सरकार ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की। चीन और रूस ने भी इस प्रक्रिया में योगदान दिया।
अमेरिका-ईरान शांति समझौता मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगा। दशकों पुरानी दुश्मनी खत्म होने से क्षेत्रीय स्थिरता आएगी। लेबनान, सीरिया, यमन में शांति की उम्मीद जगी है। भारत समेत तमाम देशों ने इस कदम का स्वागत किया है।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- Truth Social



