
जबलपुर (BAZ NEN)। मध्यप्रदेश के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के तीसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस बीच राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है।
इस मौके पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा, विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री एवं विधायक तरुण भनोत, पूर्व विधायक संजय यादव, कदीर सोनी, आलोक मिश्रा, सैयद ताहिर अली, आरिफ बेग, अमरीश मिश्रा, सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। सांसद तन्खा ने पूरे मामले की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग करते हुए मृतकों के परिजनों को न्यूनतम 10 लाख रुपये मुआवजा और घायलों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए विवेक तन्खा ने साफ कहा कि यह हादसा केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का सीधा परिणाम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बरगी बांध जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक आते हैं, तो वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे। उन्होंने कहा कि हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन सक्रिय क्यों होता है, पहले से ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।
तन्खा ने मौसम संबंधी चेतावनी प्रणाली की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि अचानक आई तेज आंधी और तूफान के दौरान भी क्रूज का संचालन जारी रहना बड़ी चूक है। यदि समय रहते संचालन रोका जाता और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार नहीं था। घटना के बाद राहत कार्यों में स्थानीय लोगों की सक्रियता अधिक देखने को मिली, जबकि प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर साबित हुई। तन्खा ने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सांसद ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्यटन स्थलों पर सख्त सुरक्षा मानकों के पालन और उनकी नियमित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम तेज आंधी और हवाओं के चलते डबल डेकर क्रूज असंतुलित होकर डूब गया था। क्रूज में 30 से अधिक सैलानी सवार थे। इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।



