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नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया ‘सबसे बड़े दोस्त’, इज़राइल-भारत रिश्तों पर कर रहे भारी निवेश

अंतरराष्ट्रीय | BAZ News Network (BNN) । इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने PM नरेंद्र मोदी को “सबसे बड़े दोस्तों में से एक” बताया। सोमवार को जारी एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ रिश्ते मजबूत करने में भारी निवेश कर रही है।

News in Short

  • नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया ‘हमारे सबसे बड़े दोस्तों में से एक’
  • इज़राइल भारत के साथ रिश्तों में कर रहा भारी निवेश
  • भारत में इज़राइल को मिल रहा है ‘अविश्वसनीय समर्थन’
  • JD वांस की टिप्पणी के बाद आए ये बयान
  • पिछले एक दशक में मोदी-नेतन्याहू के मजबूत हुए निजी रिश्ते

भारत में मिलता है जबरदस्त समर्थन — नेतन्याहू

नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, “हमें नए गठबंधन बनाने होंगे। इसीलिए मैं भारत के साथ अपने रिश्तों में भारी निवेश कर रहा हूं। मेरे दोस्त नरेंद्र, जो हमारे सबसे बड़े दोस्तों में से एक हैं।”

इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग पड़ने के दावों को खारिज करते हुए नेतन्याहू ने जोड़ा, “लोग कहते हैं इज़राइल अकेला पड़ गया है। भारत में इज़राइल को—और मुझे व्यक्तिगत तौर पर—जो समर्थन मिलता है, वो बस अविश्वसनीय है।”

उन्होंने इससे पहले फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में भी कहा था, “हमारे कुछ और दोस्त हैं, जैसे भारत नाम का एक छोटा देश… जहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और वहां हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।” नेतन्याहू ने बताया कि भारत में सोशल मीडिया पर इज़राइल को भारी समर्थन मिल रहा है।

JD वांस की टिप्पणी के बाद आया बयान

नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वांस की टिप्पणी के कुछ हफ्ते बाद आया। व्हाइट हाउस की एक ब्रीफिंग में वांस ने कहा था, “अगर मैं इज़राइली सरकार के कैबिनेट में होता, तो मैं दुनिया में अपने एकमात्र ताकतवर सहयोगी पर हमला नहीं करता।”

वांस की इस टिप्पणी को अप्रत्यक्ष जवाब देते हुए नेतन्याहू ने भारत के समर्थन को हाइलाइट किया था।

मोदी-नेतन्याहू के मजबूत निजी रिश्ते

भारत और इज़राइल के रिश्ते पिछले एक दशक में काफी मजबूत हुए हैं। PM मोदी और नेतन्याहू के बीच करीबी निजी रिश्ते रहे हैं। इस साल की शुरुआत में नेतन्याहू ने मोदी को “निजी दोस्त” बताया था और भारत को “ग्लोबल पावर” करार दिया था।

PM मोदी की इस साल इज़राइल यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत इज़राइल के साथ “पूर्ण विश्वास के साथ मजबूती से” खड़ा है। ये दौरा इज़राइल-ईरान टकराव के खुली जंग में बदलने से ठीक पहले हुआ था।

गाज़ा की तुलना उत्तर कोरिया से की

उसी पॉडकास्ट में नेतन्याहू ने गाज़ा पर इज़राइल के रुख का बचाव किया और इलाके की तुलना उत्तर कोरिया से की। उन्होंने कहा, “दुनिया में सिर्फ दो जगह हैं जहां से लोग नहीं निकल सकते — उत्तर कोरिया और गाज़ा।”

नेतन्याहू ने दलील दी कि गाज़ा के लोग इसलिए नहीं निकल पाते क्योंकि दूसरे देश उन्हें स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा, “उनके पास वो बुनियादी हक क्यों नहीं जो दुनिया के अरबों लोगों के पास है — घूमने की आज़ादी?”

नेतन्याहू ने ये भी बताया कि इज़राइल अगले दशक में विदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने के लिए अपना खुद का स्टील्थ और मानवरहित विमानों का बेड़ा विकसित करने की योजना बना रहा है।

📌 Sources & References

  • The Observer Post
  • Netanyahu podcast interview

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