Jabalpur

नेकी को खामोशी से निभाने वाले ‘मोहम्मद अकील’ उमरा के लिए रवाना. ईद मिलादुन्नबी पर मदीना शरीफ में करेंगे हाजिरी

जबलपुर के मोहम्मद अकील अंसारी, जो जरूरतमंदों की खामोशी से मदद करने के लिए जाने जाते हैं, उमरा के मुबारक सफर पर रवाना हुए हैं। मक्का मुकर्रमा में उमरा की अदायगी के बाद वे मदीना शरीफ पहुंचकर हुजूर-ए-अकरम ﷺ की बारगाह में हाजिरी की सआदत हासिल करेंगे।

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BAZ MEDIA जबलपुर। समाज में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने वाले लोगों की कमी नहीं है। कोई कंबल बांटता है, कोई बच्चों को बस्ता देता है और कोई जरूरतमंद को एक वक्त का खाना उपलब्ध कराता है। लेकिन जरूरतमंदों को खुद तलाश करना, उनकी वास्तविक जरूरत को समझना और फिर बिना किसी प्रचार के उनकी मदद करना एक अलग तरह की सोच है। ऐसे लोग गिने-चुने ही होते हैं, जो नेकी को दिखावे के बजाय जिम्मेदारी मानकर निभाते हैं।

इन्हीं चुनिंदा और मोतबर लोगों में मोहम्मद अकील का नाम भी लिया जाता है। सामाजिक क्षेत्र में अकील अंसारी जरूरतमंदों तक खामोशी से मदद पहुंचाने और समाज में होने वाले नेक व जरूरी कार्यों में पर्दे के पीछे रहकर सहयोग करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि किसी जरूरतमंद की परेशानी कम हो, लेकिन उस मदद का प्रचार न हो।

बीते दिनों मोहम्मद अकील एक मुबारक रूहानी सफर पर रवाना हुए हैं। वे उमरा की अदायगी के लिए मक्का मुकर्रमा पहुंचे हैं। उमरा की इबादत के बाद वे मदीना शरीफ जाएंगे, जहां ईद मिलादुन्नबी के मौके पर हुजूर-ए-अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की बारगाह में हाजिरी की सआदत हासिल करेंगे।

उनकी उमरा रवानगी के मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उनके मार्गदर्शक मतीन अंसारी ने उन्हें दुआओं के साथ विदाई दी। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आसिफ इकबाल, मौलाना अबुल कलाम आजाद वार्ड के प्रभारी तौफीक खान, हुसैनी सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष सोहैल मोनू, तजजू खान, मोहम्मद अली और अशरफ अंसारी सहित परिवार, समाज और सियासत से जुड़े लोग मौजूद रहे।

इस अवसर पर मौजूद लोगों ने मोहम्मद अकील के लिए उमरा की कुबूलियत, सुरक्षित और आसान सफर तथा मदीना शरीफ में हाजिरी की दुआ की। परिवार और समाज के लोगों ने भी उनकी इस मुबारक यात्रा पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

मोहम्मद अकील की सामाजिक भूमिका की चर्चा करते हुए लोगों का कहना है कि समाज में मदद के कई रूप हैं, लेकिन किसी जरूरतमंद को तलाश कर उसकी परेशानी को समझना और फिर बिना किसी तस्वीर या प्रचार के उसकी मदद करना इंसानियत की एक अलग मिसाल है।

यही वजह है कि मोहम्मद अकील की उमरा रवानगी को सिर्फ एक धार्मिक यात्रा के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूहानी सफर के तौर पर भी देखा जा रहा है, जो अपने सामाजिक जीवन में दूसरों की परेशानियों को कम करने की कोशिश करता रहा है।

जो शख्स दूसरों की जरूरतों को खामोशी से समझता रहा और बिना शोर किए उनकी मुश्किलों को कम करने की कोशिश करता रहा, अब वही अपने रब के दरबार में दुआ के लिए हाथ उठाने जा रहा है।

मोहम्मद अकील की इस मुबारक रवानगी पर परिवार, दोस्तों और समाज के लोगों ने उन्हें दिली मुबारकबाद दी और दुआओं की दरख्वास्त की। BAZ Media की ओर से भी उन्हें उमरा की मुबारकबाद देते हुए उनके सुरक्षित सफर, उमरा की कुबूलियत और मदीना शरीफ की हाजिरी के लिए दुआ की गई।

Jabalpur Baz

बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
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