BJP की नई NATIONAL टीम में दो मुस्लिम नेताओं को जगह, UP चुनाव से पहले बड़ा संदेश

नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान किया। नितिन नवीन की टीम में दो मुस्लिम नेताओं को जगह मिली है। तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली — दोनों ही उत्तर प्रदेश से आते हैं। अगले साल यूपी चुनाव से पहले यह फैसला पार्टी की सामाजिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
News in Short
- बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दो मुस्लिम नेताओं को शामिल किया
- डॉ. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया
- कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया
- दोनों नेता उत्तर प्रदेश से हैं, यूपी चुनाव से पहले बड़ा कदम
- समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को चुनौती देने की रणनीति
डॉ. तारिक मंसूर — AMU के पूर्व कुलपति को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी ने डॉ. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य भी मनोनीत किया था। पार्टी के भीतर उन्हें बौद्धिक और प्रबुद्ध मुस्लिम चेहरे के रूप में देखा जाता है। वे पसमांदा मुस्लिम समुदाय के बीच बीजेपी की पहुंच मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह पार्टी के इरादों का संकेत है।
कुंवर बासित अली — जमीनी कार्यकर्ता को मिली राष्ट्रीय पहचान
कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वे लंबे समय से जमीन पर सक्रिय रहे हैं। उत्तर प्रदेश बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। बासित अली ‘कौमी चौपाल’, ‘मदरसों और दरगाहों में योग सत्र’ और ‘मोदी मित्र’ जैसे अभियानों का नेतृत्व करते रहे हैं। नितिन नवीन के यूपी दौरे के दौरान मुस्लिम समाज और महिलाओं को जोड़ने की रणनीति की अगुवाई उन्होंने ही की थी।
यूपी चुनाव की तैयारी में सामाजिक इंजीनियरिंग
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला अहम माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर फोकस कर रही है। बीजेपी के लिए इस फॉर्मूले को चुनौती देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। दोनों मुस्लिम नेताओं को शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी पसमांदा और पिछड़े मुस्लिम वोटरों तक अपनी पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
नितिन नवीन की टीम में कई नए चेहरों को जगह मिली है। उत्तर प्रदेश से दो मुस्लिम नेताओं को शामिल करना बीजेपी की सामाजिक रणनीति का संकेत है। 2025 के यूपी चुनाव में पार्टी अल्पसंख्यक वोटरों को साधने की तैयारी में है।



