ईदगाह कलां में उर्स शरीफ़ का आग़ाज़, आज निकलेगा चादर जुलूस

मुफ़्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश की क़यादत में आगा चौक से निकलेगा जुलूस, रात 9 बजे से होगा जलसा; देश-प्रदेश के उलमा-ए-किराम करेंगे ख़िताब
जबलपुर। रानीताल स्थित ईदगाह कलां में दो रोज़ा उर्स शरीफ़ का आग़ाज़ शनिवार को नमाज़-ए-मग़रिब के बाद महफ़िल-ए-मिलाद के साथ हुआ। उर्स शरीफ़ को लेकर अकीदतमंदों में ख़ास उत्साह देखा जा रहा है। देश और प्रदेश के मुख़्तलिफ़ हिस्सों से जायरीन की आमद शुरू हो गई है। अकीदतमंद ईदगाह कलां पहुंचकर साहिबे उर्स की बारगाह में हाज़िरी पेश कर रहे हैं और इस मुबारक मौक़े पर फ़ैज़ व बरकत हासिल कर रहे हैं।

उर्स शरीफ़ के दूसरे दिन रविवार को चादर जुलूस समेत कई अहम कार्यक्रम मुनअकिद किए जाएंगे। इस सिलसिले में आगा चौक स्थित हज़रत आगा मुहम्मद साहब की दरगाह से अपराह्न 4:30 बजे चादर जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस की क़यादत मुफ़्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना डॉ. मुहम्मद मुशाहिद रज़ा क़ादरी बुरहानी और हज़रत मौलाना इनामुल हक़ क़ादरी बुरहानी फ़रमाएंगे। जुलूस शहर के प्रमुख रास्तों से गुज़रते हुए रानीताल स्थित ईदगाह कलां पहुंचेगा।
ईदगाह कलां पहुंचने के बाद मज़ार शरीफ़ पर चादरपोशी और गुलपोशी की रस्म अदा की जाएगी। इस मौक़े पर अकीदतमंद अपनी अकीदत का इज़हार करेंगे। उर्स के सिलसिले में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी तादाद में जायरीन और स्थानीय अकीदतमंदों के शामिल होने की उम्मीद है।
कुल शरीफ़ और सालाना नियाज़ का होगा एहतिमाम
चादर जुलूस के बाद नमाज़-ए-मग़रिब के पश्चात हज़रत बुरहान-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा और हज़रत मेहमूद-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा का कुल शरीफ़ मुनअकिद होगा। इसके साथ ही हज़रत हामिद-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा की सालाना नियाज़ का भी एहतिमाम किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में अकीदतमंद शिरकत कर ईसाले सवाब करेंगे और बुज़ुर्गों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करेंगे।

रात 9 बजे से शुरू होगा जलसा
रविवार रात 9 बजे से ईदगाह कलां में जलसे का आग़ाज़ होगा। जलसे में शहर के स्थानीय अकीदतमंदों के साथ देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए जायरीन भी शिरकत करेंगे। इस मौक़े पर देश-प्रदेश के नामवर उलमा-ए-किराम ख़िताब फ़रमाएंगे। जलसे में दीन की तालीमात, इस्लामी रहनुमाई और बुज़ुर्गाने दीन की ज़िंदगी व उनकी तालीमात के हवाले से बयानात होंगे।
उर्स शरीफ़ के आख़िरी दिन सोमवार को नमाज़-ए-फ़ज्र के बाद हुज़ूर ईदुल इस्लाम अलैहिर्रहमा का कुल शरीफ़ मुनअकिद किया जाएगा। इसके बाद सालातो-सलाम पेश किया जाएगा और ख़ुसूसी दुआ के साथ दो रोज़ा उर्स शरीफ़ का इख़्तिताम होगा।
सज्जादानशीन ने की शिरकत की गुज़ारिश
ईदगाह कलां के सज्जादानशीन हज़रत सूफ़ी ज़ियाउल हक़ क़ादरी बुरहानी ने तमाम अकीदतमंदों से उर्स शरीफ़ के तमाम कार्यक्रमों में ज़्यादा से ज़्यादा तादाद में शिरकत करने की गुज़ारिश की है। उन्होंने अकीदतमंदों से इस मुबारक मौक़े पर पहुंचकर साहिबे उर्स के फ़ैज़ व बरकत से मुस्तफ़ीज़ होने की अपील की है।
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