Jabalpur

नगर निगम जबलपुर में कथित भ्रष्टाचार के 6 मामले उठाए, कांग्रेस पार्षद दल ने जांच और कार्रवाई की मांग की

स्वीपिंग मशीनों की खरीदी, कचरा गाड़ियों के भुगतान से लेकर स्मार्ट सिटी के दस्तावेजों की चोरी और सरकारी दुकानों के आवंटन पर सवाल; नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा सहित कांग्रेस पार्षद दल ने मांगा हिसाब

जबलपुर। नगर निगम जबलपुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है। कांग्रेस का आरोप है कि मशीनों की खरीदी, कचरा गाड़ियों के भुगतान, स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों की चोरी और सरकारी दुकानों के आवंटन सहित छह मामलों में गंभीर सवाल सामने आए हैं। इन मामलों को लेकर वर्ष 2025 से अक्टूबर 2026 तक शिकायतें और प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने पर कांग्रेस पार्षद दल ने सवाल उठाए हैं।

नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उप नेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी, राज्य सभा संसद प्रतिनिधि सय्यद ताहिर अली, सचेतक अयोध्या तिवारी सहित कांग्रेस पार्षद दल के सदस्यों ने इन मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम जनता के टैक्स और सार्वजनिक धन से संचालित होता है, इसलिए प्रत्येक खरीदी, भुगतान और आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

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1. रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदी पर सवाल

कांग्रेस पार्षद दल ने 31 जनवरी 2025 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था। कांग्रेस के आरोप के मुताबिक, लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की तीन मशीनों को करीब 9.75 करोड़ रुपये में खरीदा गया।

इसके अलावा पहले खरीदी गई दो स्वीपिंग मशीनों की गुणवत्ता और उनकी खरीदी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस पार्षद दल ने मशीनों की वास्तविक बाजार कीमत, टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृत दरों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की थी।

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कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक धन से खरीदे जाने वाले उपकरणों की कीमत और गुणवत्ता का परीक्षण जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खरीदी निर्धारित नियमों और उचित दरों के अनुसार की गई या नहीं।

2. जल विभाग और वायु गुणवत्ता सुधार योजना में कथित अनियमितताएं

2 अप्रैल 2025 को कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम के जल विभाग और वायु गुणवत्ता सुधार योजना (AQI) के अंतर्गत होने वाले खर्चों को लेकर सवाल उठाए थे। वायु गुणवत्ता सुधार संयंत्रों की खरीदी और इनके लिए नियुक्त तकनीकी विशेषज्ञ सलाहकारों के भुगतान में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।

कांग्रेस पार्षद दल के अनुसार, वर्ष 2023-24 में तकनीकी विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति और उन्हें किए गए भुगतान के संबंध में 18 जून 2025 को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में लिखित शिकायत दी गई थी।

कांग्रेस ने इस शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही संबंधित नियुक्तियों, कार्यादेशों, सलाहकारों द्वारा किए गए कार्यों और भुगतान के रिकॉर्ड की जांच कराने की बात कही है।

3. ₹885 करोड़ के स्मार्ट सिटी कार्यों की फाइलों और हार्ड डिस्क की चोरी का मामला

कांग्रेस पार्षद दल ने जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क की कथित चोरी के मामले को भी प्रमुखता से उठाया है।

कांग्रेस के अनुसार, इस संबंध में 3 जून 2025 को प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल को पत्र लिखकर जांच की मांग की गई थी। शिकायत में लगभग 885 करोड़ रुपये के 116 निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलों और हार्ड डिस्क की चोरी का उल्लेख किया गया था। आरोप के मुताबिक, यह घटना 26 मई 2025 की रात हुई थी।

कांग्रेस पार्षद दल ने सवाल उठाया है कि इतने बड़े सार्वजनिक निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों की कथित चोरी के मामले में जांच कहां तक पहुंची है। दल ने यह भी मांग की है कि दस्तावेजों में दर्ज निर्माण कार्यों, भुगतान, अनुबंधों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की सुरक्षा तथा उपलब्ध रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट की जाए।

4. पैच रिपेयरिंग मशीनों की कीमत को लेकर सवाल

सितंबर 2026 में कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम द्वारा खरीदी गई दो पैच रिपेयरिंग मशीनों की कीमत को लेकर कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।

कांग्रेस के आरोप के मुताबिक, लगभग 54.80 लाख रुपये कीमत की मशीनों को करीब 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इस अंतर को लेकर दल ने मशीनों की वास्तविक कीमत, खरीद प्रक्रिया, टेंडर की शर्तों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।

कांग्रेस पार्षद दल का कहना है कि मशीनों की खरीदी में इस्तेमाल किए गए सार्वजनिक धन का पूरा हिसाब सामने आना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से खरीदी से जुड़े दस्तावेजों और दरों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

5. कचरा गाड़ियों के भुगतान में अतिरिक्त राशि दिए जाने का आरोप

सितंबर 2026 में ही कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम की कचरा गाड़ियों की खरीदी और उनके भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला उठाया था।

कांग्रेस के अनुसार, प्रति गाड़ी 2,32,962 रुपये की अतिरिक्त राशि के भुगतान का आरोप है। दल की ओर से दिए गए विवरण में 40 कचरा गाड़ियों के मामले में कुल 1,44,36,880 रुपये के अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख किया गया है।

कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की है कि इस मामले में संबंधित अनुबंधों, स्वीकृत दरों, गाड़ियों की वास्तविक लागत, आपूर्ति की शर्तों और भुगतान के रिकॉर्ड का मिलान कराया जाए। दल का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान निर्धारित नियमों के अनुरूप किया गया या नहीं।

6. गोहलपुर में सरकारी दुकानों के आवंटन पर आपत्ति

अक्टूबर 2026 में कांग्रेस पार्षद दल ने गोहलपुर में सरकारी दुकानों के आवंटन का मामला उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दुकानों के आवंटन में नियमों और टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा कथित तौर पर चहेते लोगों को लाभ पहुंचाया गया।

इस मामले में कांग्रेस पार्षद दल ने दुकानों के आवंटन से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने, पात्रता के नियमों, आवेदन प्रक्रिया और आवंटन के आधार की जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकारी संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इसलिए पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए।

कांग्रेस पार्षद दल की प्रमुख मांगें

कांग्रेस पार्षद दल ने सभी छह मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा है कि:

  • मशीनों की खरीदी और कचरा गाड़ियों के भुगतान से जुड़े अनुबंधों तथा वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट कराया जाए।
  • रोड स्वीपिंग और पैच रिपेयरिंग मशीनों की कीमत, गुणवत्ता और खरीदी प्रक्रिया की जांच की जाए।
  • स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलों और हार्ड डिस्क की कथित चोरी के मामले में जांच की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
  • EOW में दी गई शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी सामने लाई जाए।
  • गोहलपुर में सरकारी दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए।
  • जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जनता के धन का हिसाब सार्वजनिक हो: कांग्रेस पार्षद दल

कांग्रेस पार्षद दल और नगर कांग्रेस से जुड़े सौरभ नाटी शर्मा, संजय यादव, अमरीश मिश्रा, शगुफ्ता उस्मानी, गुड्डू नबी, अयोध्या तिवारी, संजय साहू, वकील अंसारी, जितेंद्र ठाकुर जीतू, राकेश पांडे, सैय्यद ताहिर अली और गुलाम हुसैन ने इन मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा के अनुसार, नगर निगम जनता की गाढ़ी कमाई से संचालित होता है। इसलिए जनता के धन से होने वाले प्रत्येक खर्च, खरीदी और सरकारी संपत्ति के आवंटन का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। शहर के विकास के नाम पर खर्च की जाने वाली राशि का उपयोग नियमों के मुताबिक और पारदर्शी तरीके से होना जरूरी है।

कांग्रेस पार्षद दल ने कहा है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए। हालांकि, उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने के बाद ही इन मामलों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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