गाज़ा में 6 दिन में 22 फ़िलिस्तीनियों की मौत, सीज़फ़ायर के बावजूद हमले

गाज़ा | BAZ News Network (BNN) । सीज़फ़ायर के बावजूद इसराइली फ़ौज ने 6 दिन में 22 फ़िलिस्तीनियों को मार डाला। 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच हवाई हमलों, गोलीबारी और तोपख़ाने की बमबारी में 3 बच्चियों और 1 महिला समेत 22 लोगों की जान गई।
News in Short
- 6 दिन में 22 फ़िलिस्तीनी मारे गए, जिनमें 3 बच्चियाँ और 1 महिला शामिल
- अमेरिका समर्थित सीज़फ़ायर के बावजूद इसराइली हमले जारी
- पूर्वी ग़ाज़ा सिटी में शरणार्थियों के टेंट जलाए गए
- अक्टूबर 2025 से अब तक 1,500 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं
- इसराइल अब ग़ाज़ा के 60 फ़ीसदी इलाक़े पर क़ाबिज़
गाज़ा में हमले — शरणार्थियों के टेंट भी निशाना
पैलेस्टीनियन सेंटर फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (PCHR) की रिपोर्ट के मुताबिक़, 22 अक्टूबर की सुबह से 26 अक्टूबर तक इसराइली फ़ौज ने ग़ाज़ा पट्टी के अलग-अलग इलाक़ों में हवाई हमले, गोलीबारी और बमबारी की। इन हमलों में 22 लोगों की मौत हुई जबकि कई घायल हुए।
ग़ाज़ा सिटी के पूर्वी इलाक़े अल-शुजाइया में इसराइली ड्रोन ने शरणार्थियों के दर्जनों टेंट जला डाले। हमले में दर्जनों परिवारों को अपने टेंट छोड़कर पश्चिम की तरफ़ भागना पड़ा। लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हुए।
इसराइली फ़ौज ‘येलो लाइन’ के नाम पर इलाक़ा बढ़ा रही है। लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। शरणार्थियों की भीड़ और उनके टेंटों को निशाना बनाया जा रहा है।
सीज़फ़ायर सिर्फ़ नाम का — 1,500 की मौत
ग़ाज़ा के 20 लाख लोग तीन साल से इसराइल की जंग झेल रहे हैं। अक्टूबर 2025 में सीज़फ़ायर हुआ था, लेकिन वो सिर्फ़ कागज़ों पर रह गया। इसराइल ने हमले, क़त्ल और राहत सामान पर पाबंदियाँ जारी रखीं।
पैलेस्टीनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के आँकड़ों के मुताबिक़, सीज़फ़ायर के बाद से अब तक 1,500 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें 340 बच्चे, 140 महिलाएँ, 938 मर्द और 38 बुज़ुर्ग शामिल हैं।
ग़ाज़ा की गवर्नमेंट मीडिया ऑफ़िस ने 29 सितंबर को कहा था कि अक्टूबर 2025 से अब तक सीज़फ़ायर के 5,147 उल्लंघन रिकॉर्ड किए गए हैं। इसराइल इंसानी मदद की आपूर्ति भी रोक रहा है।
आख़िरी चेतावनी — कभी मिली, कभी नहीं
इमारतें, बाज़ार, गाड़ियाँ और कैफ़े — इसराइली हमलों से कुछ नहीं बचा। कुछ परिवारों को घर छोड़ने के लिए चंद मिनट पहले नोटिस मिला। कई को कोई चेतावनी ही नहीं मिली और सीधे हमला हो गया।
इसराइल अब ग़ाज़ा के दो-तिहाई इलाक़े पर क़ाबिज़ हो चुका है। पट्टी के 60 फ़ीसदी हिस्से पर इसराइली फ़ौज का कंट्रोल है। क्रॉसिंग बंद होने और अंतरराष्ट्रीय फंड कम होने से खाने की क़िल्लत बढ़ती जा रही है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हाल ही में ग़ाज़ा की ‘येलो लाइन’ के पास दौरे के दौरान साफ़ कहा कि इसराइल क़ब्ज़े वाले इलाक़ों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने धमकी दी कि “और इलाक़े क़ब्ज़े में आएँगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तथाकथित शांति योजना को भी उन्होंने ठुकरा दिया, हालाँकि हमास ने उसे सकारात्मक जवाब दिया था।
📌 Sources & References
- Quds News Network
- Palestinian Centre for Human Rights (PCHR)



