LPG-CNG की कीमतों में 18 रुपये की बढ़ोतरी, सरकार ला रही फ्यूल रिजर्व योजना

नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । रसोई गैस के दाम फिर बढ़ने वाले हैं। सरकार 3.7 लाख करोड़ रुपये की रणनीतिक फ्यूल रिजर्व योजना के तहत LPG सिलेंडर पर 18 रुपये और PNG पर नया शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर 1.29 रुपये प्रति किलो की लेवी लगेगी।
News in Short
- सरकार 42 अरब डॉलर (3.7 लाख करोड़) की फ्यूल रिजर्व योजना लाने जा रही है
- LPG सिलेंडर पर 18 रुपये और PNG पर 1.43 रुपये प्रति यूनिट शुल्क लगेगा
- इस लेवी से हर साल 1.5 अरब डॉलर जुटाने का अनुमान
- मिडिल ईस्ट संकट के बाद ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना मकसद
- कैबिनेट की मंजूरी का इंतज़ार
LPG CNG कीमत बढ़ोतरी का फॉर्मूला
योजना के मुताबिक LPG पर 1.29 रुपये प्रति किलो का शुल्क लगाया जाएगा। इससे 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 18 रुपये की बढ़ोतरी होगी। प्राकृतिक गैस यानी PNG पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर का शुल्क लगेगा। CNG की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। सरकार का अनुमान है कि इस लेवी से हर साल करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
ये पैसा गैस स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में इस्तेमाल होगा। फिलहाल इस योजना को प्रधानमंत्री की कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस पर फैसला हो सकता है।
3.7 लाख करोड़ की रणनीतिक फ्यूल रिजर्व योजना
भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए रणनीतिक ईंधन भंडारण योजना बनाने जा रही है। ये योजना करीब 42 अरब डॉलर यानी लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये की कीमत पर बनेगी। सरकार पहली बार कच्चे तेल के साथ-साथ LPG और LNG का भी रणनीतिक भंडार बनाने की तैयारी कर रही है।
पिछले कुछ महीनों में देश ने गैस की किल्लतों और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा। मिडिल ईस्ट संकट के कारण ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर देश पर पड़ता है।
क्यों जरूरी है फ्यूल रिजर्व
सरकार चाहती है कि भविष्य में किसी युद्ध, सप्लाई रुकने या वैश्विक कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में देश के पास पर्याप्त ईंधन का भंडार हो। हाल के हालात ने साफ कर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा कितनी अहम है। इस योजना से देश कम से कम 30-45 दिनों की गैस की जरूरत पूरी कर सकेगा।
हालांकि अवाम के लिए ये राहत की खबर नहीं है। महंगाई से जूझ रहे लोगों को एक और झटका लगने वाला है। लेकिन सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ये कदम जरूरी है। अब देखना होगा कि कैबिनेट इस योजना को मंजूरी देती है या नहीं।
📌 Sources & References
- ABP Live



