हाफिज़ इमरान अत्तारी की रहनुमाई में गोहलपुर थाने पहुंचा मुस्लिम समाज, FIR की मांग

जबलपुर। नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शान में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में जबलपुर में मुस्लिम समाज की ओर से कानूनी कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है। शहर के प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन हज़रत मौलाना हाफिज़ कारी इमरान कादरी अत्तारी की रहनुमाई में मुस्लिम नौजवानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हनुमानताल थाने पहुंचकर भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नाज़िया इलाही खान के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने गोहलपुर थाना प्रभारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि नबी-ए-करीम ﷺ की शान में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की गई।
बाज़ मीडिया जबलपुर से बातचीत करते हुए मौलाना हाफिज़ कारी इमरान कादरी अत्तारी ने कहा कि इस्लाम अम्न, मोहब्बत और इंसानियत का मज़हब है। उन्होंने कहा कि इस्लाम हर इंसान की इज़्ज़त करने और दूसरे मज़हबों के धार्मिक विश्वासों का सम्मान करने की तालीम देता है।

मौलाना ने कहा कि मुसलमानों के लिए अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शान सबसे बुलंद है और उनकी शान में किसी भी तरह की कथित गुस्ताख़ी से पूरे समाज की भावनाएं आहत होती हैं।
उन्होंने कहा, “हमें भारत के संविधान और कानून पर पूरा भरोसा है। हम कानून अपने हाथ में लेने में यक़ीन नहीं रखते। इसी भरोसे के साथ हम थाने आए हैं और नबी-ए-करीम ﷺ की शान में कथित गुस्ताख़ी करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमारी शिकायत पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा।”
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मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आसिफ इकबाल, अब्दुल जहूर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट उवैस अंसारी, अब्दुल शकूर, सद्दाम मंसूरी, अब्दुल शरीफ और अब्दुल शरीक सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन के सामने रखी और कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में एफआईआर दर्ज होने या अन्य कार्रवाई किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
बाज़ मीडिया अपने पाठकों से अपील करता है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें तथा समाज में अमन, भाईचारा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।



