बंगाल में चर्चों पर हमलों के बाद ईसाई संगठन ने शुरू किया शांति अभियान

कोलकाता | BAZ News Network । पश्चिम बंगाल में चर्चों पर बढ़ते हमलों के बीच ईसाई समुदाय ने आखिरकार अपनी आवाज़ बुलंद की। बंगीय क्रिश्चियन परिषेबा (BCP) ने राज्यभर में शांति अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि नफरत और हिंसा के खिलाफ 100 रैलियां निकाली जाएंगी। सुभासग्राम, बारासात और पश्चिम मिदनापुर में चर्चों की तोड़फोड़ के बाद यह फैसला लिया गया।
News in Short
- बंगाल में चर्चों पर हमलों के बाद ईसाई संगठन ने 7 सूत्रीय शांति अभियान शुरू किया
- 5 जुलाई को सुभासग्राम में निर्माणाधीन चर्च का क्रॉस तोड़ा गया
- BCP 5 नवंबर को कोलकाता में 1 लाख लोगों की मेगा प्रार्थना रैली करेगी
- 11 पूर्वी राज्यों के ईसाई संगठनों को एक मंच पर लाने की योजना
चर्चों पर हमले और बंगाल में बढ़ता तनाव
5 जुलाई को सुभासग्राम में एक निर्माणाधीन चर्च पर हमला हुआ। एक समूह ने छत पर लगा क्रॉस तोड़ दिया और इमारत को नुकसान पहुंचाया। बारासात और पश्चिम मिदनापुर से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं। BCP ने कहा कि ईसाई समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने और गलत जानकारी देने का सिलसिला बढ़ रहा है।
कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए संगठन ने बताया कि राज्यभर में 100 क्षेत्रीय शांति और सद्भाव रैलियां आयोजित की जाएंगी। 5 नवंबर को राज्य स्तर की मेगा प्रार्थना रैली होगी जिसमें करीब 1 लाख लोग शामिल होंगे।
7 सूत्रीय शांति कार्यक्रम की घोषणा
BCP ने 100 गोलमेज़ चर्चाओं का ऐलान किया है। इनमें लेखक, कलाकार, शिक्षक और सामाजिक टिप्पणीकार हिस्सा लेंगे। विषय होगा — “बेलगाम नफरत और समुदायों के बीच रिश्तों का भविष्य।” पहली चर्चा 29 अगस्त को बिशप्स कॉलेज में होगी।
संगठन ने डिजिटल जागरूकता अभियान भी शुरू करने का फैसला किया है। इसका मकसद झूठी खबरों और नफरत भरे भाषणों का जवाब देना है। अलग-अलग इलाकों में अंतरधार्मिक संवाद और प्रार्थना सभाएं भी आयोजित की जाएंगी।
BCP की योजना है कि अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड समेत 11 पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के ईसाई संगठनों को एक मंच पर लाया जाए। इससे समुदाय की एकजुटता मजबूत होगी।
चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के बिशप ने सरकार से मांगी सुरक्षा
चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के मॉडरेटर और बंगाल क्रिश्चियन काउंसिल के अध्यक्ष बिशप पारितोष कैनिंग ने पश्चिम बंगाल सरकार से ईसाई संस्थानों और पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।
BCP ने साफ किया कि उनका अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। संगठन का उद्देश्य समुदायों के बीच सद्भाव बढ़ाना और संवाद को मजबूत करना है। इस मुश्किल वक्त में शांति ही एकमात्र रास्ता है।
📌 Sources & References
- The Observer Post



