
[शहर स्पष्ट नहीं] | 24 मई 2024 | BAZ News Network (BNN) | BAZ Desk | Bazmedia.in
संक्षिप्त खबर
- बांग्लादेश ने 24 घंटे में सीमा पार 10 ‘पुश-इन’ प्रयासों का आरोप लगाया
- बीजीबी ने कहा – कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से सीमा पार नहीं कर सकता
- झेनैदाह में 30-35 लोगों को ट्रांसपोर्ट वैन से सीमा पर लाने की घटना सामने आई
सीमा पुश-इन विवाद को लेकर बांग्लादेश ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने गुरुवार को दावा किया कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने पिछले 24 घंटे में 10 बार लोगों को बांग्लादेशी इलाका में धकेलने की कोशिश की है। यह विवाद उस समय सामने आया है जब भारतीय हुकूमत अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई चला रही है।
सीमा पुश-इन के गंभीर आरोप
बीजीबी ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) 4,000 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा के अलग-अलग हिस्सों पर घुसपैठ की कोशिशें कर रहा है। बांग्लादेश ने साफ चेतावनी दी है कि “कोई भी व्यक्ति या समूह अवैध तरीके से सीमा पार नहीं कर सकेगा।” बीजीबी ने कहा कि द्विपक्षीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन “कड़ाई से रोका जाएगा।”
झेनैदाह में 30-35 लोगों को सीमा पर लाई गई वैन
बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी इलाका झेनैदाह में एक गंभीर घटना सामने आई है। बीजीबी के अनुसार, बीएसएफ के जवानों ने एक प्रिजन वैन में 30 से 35 लोगों को बैठाकर सीमा तक ले गए और सीमा गेट खोल दिया। बांग्लादेशी सीमा रक्षकों ने समय पर हस्तक्षेप किया और वैन को वापस जाने के लिए मजबूर किया। स्थानीय लोगों की मदद से यह कोशिश नाकाम रही।
जसोर इलाके के गोगा और रुद्रपुर सीमा क्षेत्र में भी समूहों को बांग्लादेश की तरफ भेजने की तैयारी देखी गई। बढ़ी हुई गश्त और सतर्कता के कारण बीएसएफ को लोगों को वापस ले जाना पड़ा। जोयपुरहाट में भी लगभग 10 लोगों को सीमा के पास इकट्ठा किया गया था, लेकिन बांग्लादेशी निगरानी के चलते यह ऑपरेशन रोक दिया गया।
भारत का अवैध प्रवासी निष्कासन कार्यक्रम
भारत की मोदी सरकार पिछले साल से अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि उसने 2,680 से ज्यादा मामलों को बांग्लादेश के पास नागरिकता सत्यापन के लिए भेजा है। एमईए ने कहा कि “भारत में रहने वाले सभी अवैध नागरिकों के साथ कानून के अनुसार निपटा जाएगा। कई मामलों में नागरिकता सत्यापन पांच साल से भी ज्यादा समय तक लंबित है।”
पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे भाजपा-शासित राज्यों में “अवैध घुसपैठियों” को बांग्लादेश भेजने का विवाद बढ़ गया है। बांग्लादेशी सूत्रों के अनुसार, चपैनवाबगंज सीमा के पास चार मुसलमानों को भारतीय शिविरों में रखा जा रहा है जिनके खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है।
थाकुरगांव के हरिपुर सीमा क्षेत्र में भी दो बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से पकड़ा गया। पंचगढ़ में एक व्यक्ति को सीमा पार धकेला गया, जिसे स्थानीय लोगों ने रोका और भारतीय अधिकारियों को सूचित किया।
यह विवाद दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर गहरी चिंता को दर्शाता है। बांग्लादेश के कड़े रुख से साफ है कि वह अवैध तरीकों से लोगों को स्वीकार नहीं करेगा और सीमा सुरक्षा को पूरी गंभीरता से ले रहा है।
📌 Sources & References
- Maktoob Media (https://maktoobmedia.com)
- BAZ News Network


