
थाणे | 05 जून 2026 | BAZ Media Bhopal Division | BAZ Desk | Bazmedia.in
खबर संक्षेप में
- पश्चिम बंगाल से आई तीन महिलाओं और एक बच्चे को थाणे में ग़लत तरीके से रोका गया था
- सभी के पास वैध भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड थे लेकिन बांग्लादेशी होने का संदेह किया जा रहा था
- जनता के विरोध और AIMIM के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार रात को सभी को रिहा कर दिया गया
गलत गिरफ्तारी का मामला — महाराष्ट्र के थाणे ज़िले में एक परेशानी भरी घटना सामने आई है। पश्चिम बंगाल की तीन मुस्लिम महिलाओं और एक बच्चे को वहां पर बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में रोक लिया गया था। यह बात तब अजीब हो गई जब पता चला कि इन सभी के पास भारत की वैध नागरिकता के दस्तावेज़ थे। पश्चिम बंगाल की हुकूमत ने भी पहले ही उनकी पहचान की पुष्टि कर दी थी। फिर भी उन्हें हिरासत में रखा जा रहा था।
वैध दस्तावेज़ के बावजूद हिरासत
AIMIM की महिला व यूथ प्रेसिडेंट रुबीना अम्मार पटेल ने यह सूचना दी कि सभी चारों के पास पासपोर्ट और आधार कार्ड हैं। दोनों महिलाएं थाणे की रहने वाली हैं और कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं। उनकी बहनें और भतीजा बंगाल से मिलने आई थीं। रुबीना ने पुलिस स्टेशन के बाहर वीडियो बनाकर यह दावा किया कि प्रशासन ने बिना कारण इन्हें रोक रखा है।
पटेल ने कहा कि “बंगाल की हुकूमत ने भी उनकी पहचान की सत्यापना कर दी थी। लेकिन थाणे की पुलिस कह रही थी कि दस्तावेज़ नकली हो सकते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर अनावश्यक हिरासत दी जा रही थी।
सोशल मीडिया उबाल और AIMIM का दबाव
जब यह खबर सोशल मीडिया पर फैली तो विरोध होने लगा। पूर्व सांसद वारिस पठान समेत AIMIM के नेताओं ने माँग की कि इन महिलाओं और बच्चे को तुरंत रिहा किया जाए। जनता के दबाव और AIMIM के हस्तक्षेप के कारण सभी को हिरासत से रिहा कर दिया गया।
पटेल ने बताया कि “दस्तावेज़ों की जांच के बाद पुलिस को लगा कि सभी भारतीय नागरिक हैं और अब कोई वजह नहीं रही उन्हें रोकने की।” Detention में भेजने की तैयारी चल रही थी लेकिन आख़िरकार सभी को रिहा कर दिया गया।
इस मामले से साफ़ है कि आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज़ होने के बावजूद भी मुसलमानों के साथ कभी-कभी ग़लत बर्ताव किया जाता है। सरकार को चाहिए कि अपने अधिकारियों को सख़्त निर्देश दें कि बिना सबूत के किसी को रोका न जाए।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- AIMIM leaders statements



