
भोपाल | 15 May 2025 BAZ Media Bhopal Division | BAZ Desk | Bazmedia.in
News in Short
- भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने विरोध जताया
- पार्टी ने कहा- स्वतंत्रता सेनानी प्रो. बरकतउल्ला के योगदान को मिटाना गलत
- छात्रनेताओं ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की मांग की
भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी नाम बदलने का प्रस्ताव सियासी बवाल बन गया है। कांग्रेस ने विज्ञप्ति जारी कर इस फैसले पर सख्त एतराज जताया है। पार्टी का कहना है कि महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलना इतिहास के साथ खिलवाड़ है।
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी नाम बदलना इतिहास से छेड़छाड़
नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी ने कहा कि प्रो. बरकतउल्ला भोपाली पहली विश्व युद्ध के दौरान ‘भारत की अस्थायी निर्वासित सरकार’ के प्रधानमंत्री रहे थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की आजादी के लिए लगा दी। ऐसे महान क्रांतिकारी के नाम को मिटाने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कोटी ने कहा कि मौलाना बरकतउल्लाह सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि लेखक और पत्रकार भी थे। उनका नाम सिर्फ भोपाल नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा का जरिया है। उनका योगदान हमारे स्वतंत्रता संग्राम की जड़ है। नाम बदलना हमारे इतिहास और विरासत के साथ घोर अन्याय है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर दें ध्यान
छात्रनेता शफी खान ने कहा कि यूनिवर्सिटी की पहचान शिक्षा की गुणवत्ता से होती है, नाम बदलने से नहीं। हुकूमत को चाहिए कि यूनिवर्सिटी में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरे, रिसर्च को बढ़ावा दे और छात्रों को बेहतर सुविधाएं दे। नाम बदलने की सियासत से छात्रों का कोई भला नहीं होगा।
शफी खान ने मांग की कि सरकार नाम बदलने का प्रस्ताव फौरन वापस ले और यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक उन्नयन पर ध्यान दे। ताकि बरकतउल्लाह साहब के नाम की गरिमा बनी रहे।
प्रो. बरकतउल्ला का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देश की धरोहर है। उनके नाम को मिटाने की हर कोशिश इतिहास से खिलवाड़ मानी जाएगी। कांग्रेस ने सरकार से फैसला वापस लेने की गुजारिश की है।
📌 Sources & References
- कांग्रेस विज्ञप्ति
- रिज़वान अली कोटी (नगर कांग्रेस प्रवक्ता)
- शफी खान (छात्रनेता)



