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BAZ Health: आग उगलती धूप, अस्पतालों में बढ़ी भीड़: जबलपुर में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा गहराया

BAZ News Network: Jabalpur इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। शहर की सड़कें दोपहर होते-होते तवे की तरह तपने लगती हैं और गर्म हवाएं लोगों का दम घोंट रही हैं। बुधवार को सुबह 11:30 बजे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि दोपहर बाद पारा 44 डिग्री के करीब जा पहुंचा। तेज धूप, उमस और लू के थपेड़ों ने आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

गर्मी का सबसे बड़ा असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में तेजी आई है।

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धूप बनी शरीर की दुश्मन

विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी नमक बाहर निकल जाते हैं। जब शरीर में पानी की कमी बढ़ जाती है तो डिहाइड्रेशन की स्थिति बनती है।

चिकित्सकों का कहना है कि यदि समय रहते शरीर को पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं मिलते, तो व्यक्ति हीट एक्सॉशन और फिर हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकता है। हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है और मरीज बेहोश भी हो सकता है। कई मामलों में यह स्थिति जानलेवा साबित होती है।

सबसे ज्यादा खतरे में ये लोग

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। उनका शरीर अत्यधिक तापमान को जल्दी सहन नहीं कर पाता।

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इसके अलावा मजदूर, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, डिलीवरी बॉय, रिक्शा चालक और खुले में काम करने वाले लोग भी लगातार धूप के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। शहर में दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।

बच्चों को लेकर बढ़ी चिंता

भीषण गर्मी ने स्कूली बच्चों की परेशानी भी बढ़ा दी है। सुबह के समय ही तेज गर्मी शुरू हो जाने से अभिभावक चिंतित नजर आ रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को पसीना, थकान और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाए जाएं, घर से पानी की बोतल देकर भेजा जाए और धूप में अधिक देर तक खेलने से बचाया जाए।

अस्पतालों में बढ़ा दबाव

Netaji Subhash Chandra Bose Medical College सहित शहर के कई अस्पतालों में गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग तब अस्पताल पहुंचते हैं जब शरीर में पानी की कमी गंभीर स्तर तक पहुंच चुकी होती है।

चिकित्सकों ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और कान को सफेद या हल्के रंग के कपड़े से ढंककर निकलने की सलाह दी गई है।

क्या करें बचाव के लिए

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी से बचने के लिए लगातार पानी पीना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहना चाहिए। खाली पेट धूप में निकलना खतरनाक हो सकता है।

डॉक्टरों ने कहा है कि शरीर में कमजोरी, तेज सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

अगले दो दिन और मुश्किल भरे

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिनों तक गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। डॉप्लर रडार और अन्य मौसम उपकरणों से मिले संकेतों के अनुसार तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।

स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने, धूप से बचने और लू के लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराने की अपील की है। शहर में बढ़ती गर्मी अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।

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बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
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