
जबलपुर | 18 जुलाई 2025 — BAZ Media Jabalpur Division | BAZ Desk | Bazmedia.in
News in Short
- जमीयत उलेमा-ए-जबलपुर ने अपर कलेक्टर के ज़रिए MP यूसीसी समिति को ज्ञापन सौंपा।
- संगठन का कहना — मुस्लिम पर्सनल लॉ शरीयत का हिस्सा, इसमें कोई समझौता मंज़ूर नहीं।
- सभी धर्मों से व्यापक संवाद के बाद ही यूसीसी पर फ़ैसला हो — जमीयत की मांग।
यूसीसी का विरोध दर्ज कराते हुए जमीयत उलेमा-ए-जबलपुर ने शुक्रवार को अपर कलेक्टर संजय सिंह के ज़रिए मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना शुक्ला देशाई और समिति के दूसरे सदस्यों को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि यह प्रस्तावित कानून देश की धार्मिक विविधता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
यूसीसी का विरोध — शरीयत में दखल मंज़ूर नहीं
जमीयत उलेमा-ए-जबलपुर के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद इकबाल नदवी ने साफ कहा कि निकाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े इस्लामी प्रावधान महज़ सामाजिक नियम नहीं हैं — ये शरीयत के अहम हिस्से हैं। उन्होंने कहा, “मुसलमान देश के संविधान और कानून का एहतराम करते हैं, लेकिन धार्मिक मामलों में कोई समझौता कबूल नहीं।”
जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद राशिद खान ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है और सभी समुदायों पर एक जैसा पर्सनल लॉ थोपने से संवैधानिक सवाल खड़े होंगे।
ज्ञापन में यूनिफॉर्म सिविल कोड को परिभाषित करते हुए बताया गया कि इसके तहत विवाह, तलाक, विरासत और पारिवारिक मामलों में धर्म से परे सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून लागू होगा। संगठन का तर्क है कि भारत जैसे बहुधार्मिक देश में व्यक्तिगत कानूनों की अलग पहचान ज़रूरी है। मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरआन और सुन्नत पर आधारित है, इसलिए इसमें किसी भी किस्म की दखलंदाज़ी को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन माना जाएगा।
अनुच्छेद 25 का हवाला, संवाद की मांग
ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा गया कि हर नागरिक को अपने धर्म के मुताबिक जीने और धार्मिक मामले चलाने का हक है। जमीयत उलेमा ने मांग की कि यूसीसी जैसे अहम मसले पर कोई भी फ़ैसला लेने से पहले सभी धार्मिक समुदायों, सामाजिक संगठनों और जानकारों से व्यापक बातचीत की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुफ्ती शाहिद अख्तर कासमी, मुश्ताक अंसारी, अबरार खान, अबरार अंसारी और इंजीनियर अरशद अयूब अंसारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
जमीयत उलेमा-ए-जबलपुर ने संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते से अपना एतराज़ दर्ज कराया है। अब नज़रें MP यूसीसी समिति पर हैं — वह इन आपत्तियों को किस तरह लेती है, यह आने वाले वक्त में साफ होगा।
📌 Sources & References
- जमीयत उलेमा-ए-जबलपुर प्रेस विज्ञप्ति
- अपर कलेक्टर कार्यालय जबलपुर



