जर्जर खेल सुविधाओं पर विधायक घनघोरिया का हमला, 815 करोड़ पर उठाए सवाल

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । खेल विभाग का बजट 815 करोड़ पहुंच गया, लेकिन खिलाड़ी आज भी जर्जर सुविधाओं में संघर्ष कर रहे हैं। विधानसभा मानसून सत्र में जबलपुर पूर्व के विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार को घेरते हुए खेल अधोसंरचना की बदहाल स्थिति पर तीखे सवाल दागे।
News in Short
- विधायक घनघोरिया ने खेल विभाग के 815 करोड़ बजट पर उठाए सवाल
- रानी दुर्गावती वेलोड्रोम की दुर्दशा का मुद्दा उठाया
- जबलपुर में आधुनिक फुटबॉल मैदान की मांग की
- संविदा कर्मचारियों को 7 महीने से नहीं मिला वेतन
- खेल मंत्री ने फुटबॉल मैदान के लिए 6 करोड़ स्वीकृत बताए
जबलपुर खेल सुविधाएं — 20 लाख खर्च, हालत बदहाल
घनघोरिया ने रानी दुर्गावती वेलोड्रोम की दुर्दशा को उदाहरण देते हुए कहा कि हर साल 15 से 20 लाख रुपये रखरखाव पर खर्च होते हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने खेल मंत्री से निरीक्षण कर तुरंत सुधार की मांग की। साथ ही कहा कि यहां लंबे समय से बड़ी प्रतियोगिताएं नहीं हो रही हैं।
विधायक ने कहा कि जब बजट 815 करोड़ तक पहुंच गया है, तो यह जानना जरूरी है कि खिलाड़ियों को इसका फायदा क्यों नहीं मिल रहा। जबलपुर जैसे प्रमुख शहर में खेल अधोसंरचना लगातार बदहाल होती जा रही है।
फुटबॉल मैदान के लिए 6 करोड़ स्वीकृत
घनघोरिया ने यह भी कहा कि खेल प्रतिभाओं के लिए मशहूर जबलपुर में आज तक एक आधुनिक फुटबॉल मैदान नहीं बना। इस पर खेल मंत्री ने जानकारी दी कि जबलपुर में फुटबॉल मैदान निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
विधायक ने वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2026-27 के दौरान खेल प्रतियोगिताओं, सामग्री और स्टेडियमों के रखरखाव पर स्वीकृत राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पारदर्शी और प्रभावी उपयोग की मांग की।
7 महीने से नहीं मिला वेतन
चर्चा के दौरान घनघोरिया ने खेल विभाग में 2006 से कार्यरत पांच संविदा कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया और पिछले सात महीने से वेतन भी नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्तियां उचित देखरेख के अभाव में बेकार होती जा रही हैं। इससे खिलाड़ियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।
घनघोरिया ने कहा कि खेलों का वास्तविक विकास केवल बजट बढ़ाने से नहीं होगा। खिलाड़ियों को बेहतर अधोसंरचना, सुरक्षित खेल परिसर, समय पर संसाधन और सम्मानजनक माहौल चाहिए। उन्होंने सरकार से जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।



