घमापुर फ्लाईओवर की 5 साल की उम्मीद हाईकोर्ट ने जगाई

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । पांच साल से फाइलों में कैद घमापुर-रद्दी चौकी फ्लाईओवर परियोजना को हाईकोर्ट के दखल से नई जिंदगी मिली है। 269 करोड़ रुपए की इस परियोजना को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से वैकल्पिक रूट और विस्तृत प्रस्ताव तलब किया है।
News in Short
- घमापुर फ्लाईओवर 2019 से अटका हुआ, लागत 186 से बढ़कर 269 करोड़ हुई
- हाईकोर्ट ने एमपी टूरिज्म ऑफिस से घमापुर तक नया रूट सुझाया
- विधायक लखन घनघोरिया की जनहित याचिका पर सुनवाई
- अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी, एल्गिन अस्पताल के पास गुमटियां खतरे में
घमापुर फ्लाईओवर पर हाईकोर्ट का सख्त रुख
सोमवार को हुई सुनवाई में सरकार ने घमापुर इलाके के ट्रैफिक हालात, सड़क की चौड़ाई और अतिक्रमण का पूरा ब्योरा कोर्ट के सामने रखा। जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर, आंबेडकर चौक और आसपास के इलाकों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी समस्या को लेकर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने 2025 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने पहले एमपी टूरिज्म कार्यालय से फ्लाईओवर शुरू कर घमापुर चौराहे के आगे उतारने का वैकल्पिक रूट सुझाया है। इससे घमापुर, डॉ. आंबेडकर चौक, हाईकोर्ट और कलेक्ट्रेट इलाके में वाहनों का दबाव कम होगा।
5 साल में 83 करोड़ बढ़ी लागत
घमापुर फ्लाईओवर की कहानी सरकारी लेटलतीफी का जीता जागता सबूत है। 11 दिसंबर 2019 को इसका अनुमान 186.03 करोड़ रुपए था। देरी के चलते परियोजना की लागत बढ़कर 269.22 करोड़ रुपए हो गई। 28 जुलाई 2022 को संशोधित अनुमान और नक्शा भी तैयार हुआ, लेकिन परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी।
पहले प्रस्तावित रूट में होटल ऋषि एजेंसी से फ्लाईओवर शुरू कर रद्दी चौकी के आगे अब्दुल हमीद चौक तक ले जाने की योजना थी। अब कोर्ट के सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग पर सरकार को विस्तृत प्रस्ताव देना होगा।
अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज
फ्लाईओवर का रूट तय होने के बाद सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाना जरूरी होगा। सरकार ने प्रभावित निर्माणों का आकलन शुरू कर दिया है। सुनवाई के दौरान एल्गिन अस्पताल के आसपास गुमटी लगाने वाले कुछ दुकानदार भी कोर्ट पहुंचे और राहत की मांग की।
हालांकि हाईकोर्ट ने नियमों के विपरीत बने निर्माणों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया। इससे साफ है कि प्रस्तावित मार्ग में आने वाले अतिक्रमणों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
विधायक लखन घनघोरिया 2021 से 2024 के बीच विधानसभा में कई बार यह मुद्दा उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री को ज्ञापन और सरकार को लिखित आवेदन भी दिए गए। अब हाईकोर्ट की निगरानी के बाद पांच साल से ठप पड़ी इस परियोजना में हलचल तेज हुई है। अगली सुनवाई में सरकार का विस्तृत प्रस्ताव आएगा और तब तय होगा कि जबलपुर का यह बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर किस दिशा से बनेगा।



