ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद के संरक्षण की मांग, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष से हस्तक्षेप की अपील

सैय्यद ताहिर अली बोले—धार्मिक स्थलों का संरक्षण और कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई ज़रूरी
जबलपुर। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित 100 साल से अधिक पुरानी ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली कराने के लिए छह दिन का नोटिस दिए जाने और बिजली-पानी की आपूर्ति बंद किए जाने से जुड़ी खबरों पर जबलपुर के पूर्व पार्षद एवं सांसद प्रतिनिधि सैय्यद ताहिर अली ने चिंता जताई है। उन्होंने मस्जिद के संरक्षण, नमाजियों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की अपील की है।
सैय्यद ताहिर अली ने कहा कि मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद हारून के अनुसार, मस्जिद को लेकर ध्वस्तीकरण की आशंका बनी हुई है और नमाज अदा करने में भी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद की गई है, तो इसकी जांच कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
पुराने सरकारी दस्तावेजों की जांच की मांग
ताहिर अली ने मस्जिद की जमीन वक्फ की होने का दावा करते हुए वर्ष 1977 के दिल्ली गजट, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और भूमि एवं विकास कार्यालय की विरासत सूची में इसके उल्लेख का हवाला दिया। उन्होंने वर्ष 1933 के सरकारी दस्तावेजों का भी ज़िक्र किया और मांग की कि मस्जिद से संबंधित सभी दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जांच कर उसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़े किसी भी स्थल के संबंध में निर्णय लेने से पहले उपलब्ध दस्तावेजों, संबंधित कानूनों और प्रशासनिक रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री, राहुल गांधी और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील
सैय्यद ताहिर अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्र



