जबलपुर में ‘सनातनी मुस्लिम’ इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ एमपी की पहली FIR दर्ज। मुस्लिम समाज के प्रदर्शन के बाद कार्रवाई

जबलपुर। स्वयं को ‘सनातनी मुस्लिम’ बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ मध्य प्रदेश की पहली एफआईआर जबलपुर के हनुमानताल थाने में दर्ज की गई है। मुस्लिम समुदाय की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे आपत्तिजनक बयान और टिप्पणियां प्रसारित कीं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की आगे की जांच के लिए संबंधित राज्य की पुलिस को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इस मामले में जबलपुर में बीते एक हफ्ते से प्रदर्शन हो रहे थे. मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के युवाओं के प्रदर्शन, महिलाओं के प्रदर्शन, सामाजिक धार्मिक संगठन के प्रदर्शन, वकीलों के प्रदर्शन हुये, जिनका संयुक्त नतीजा रहा है पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्यवाही हो सकी.
सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को लेकर दर्ज हुई शिकायत
पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 जून से इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाजिया इलाही खान द्वारा प्रसारित वीडियो और टिप्पणियों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें कही गई हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन बयानों से मुस्लिम समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
शिकायत मिलने के बाद हनुमानताल थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर ली।
जीरो एफआईआर होने से संबंधित राज्य को भेजा जाएगा मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित घटना मध्य प्रदेश के बाहर की बताई जा रही है। ऐसे मामलों में जीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को केस डायरी भेजी जाती है, ताकि वहां विधिवत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसी प्रक्रिया के तहत जबलपुर पुलिस अब प्रकरण को संबंधित राज्य की पुलिस के पास भेजेगी।
चार दिनों से चल रहा था विरोध
इस मामले को लेकर पिछले चार दिनों से मुस्लिम समाज और अधिवक्ताओं में नाराजगी बनी हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी।
गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और मुस्लिम समाज के लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए नाजिया इलाही खान पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने एनएसए लगाने की भी उठाई मांग
एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने इसे न्याय की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने नाजिया इलाही खान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पहले से विवादों में रही हैं नाजिया इलाही खान
नाजिया इलाही खान पहले भी देश के विभिन्न शहरों में दर्ज मामलों को लेकर विवादों में रही हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो और बयानों को लेकर अलग-अलग राज्यों में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है।
हालांकि, नाजिया इलाही खान ने अपने बचाव में दावा किया है कि वायरल हो रहे कुछ वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए गए हैं और उन्हें गलत तरीके से उनके नाम से प्रसारित किया जा रहा है।
पुलिस का क्या कहना है
जबलपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच संबंधित राज्य की पुलिस करेगी।
डीएसपी हेमंत कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जीरो पर कायमी की गई है। अब वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण को संबंधित पुलिस इकाई को भेजा जाएगा, जहां पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।



