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मथुरा शाही ईदगाह विवाद: मस्जिद कमेटी की गैरहाजिरी में मध्यस्थता फेल । अब सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

मथुरा | BAZ News Network (BNN) । श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को सुलझाने की कोशिश शनिवार को नाकाम हो गई। मथुरा में लोक अदालत के सामने मध्यस्थता की कार्यवाही में शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

News in Short

  • मथुरा में शाही ईदगाह विवाद की मध्यस्थता विफल, मस्जिद कमेटी गैरहाजिर
  • सात याचिकाकर्ताओं ने आपसी सुलह के लिए मध्यस्थता की थी पहल
  • हिंदू पक्ष ने ब्रज क्षेत्र से बाहर मस्जिद के लिए जमीन देने का प्रस्ताव रखा
  • सुप्रीम कोर्ट में 18 मामले लंबित, अगस्त में सुनवाई होगी

मथुरा शाही ईदगाह विवाद में मध्यस्थता की कोशिश बेकार

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद की अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यवाही हुई। श्री कृष्ण जन्मभूमि पक्ष के वकील और प्रतिनिधि हाजिर थे और उन्होंने अपनी बात रखी। लेकिन शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की तरफ से कोई वकील या प्रतिनिधि नहीं आया। इस वजह से मध्यस्थता आगे नहीं बढ़ सकी और बिना किसी समझौते के बंद कर दी गई।

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हिंदू पक्ष के वकील महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह दोनों पक्षों के लिए बातचीत से हल निकालने का मौका था। “हिंदू पक्ष मौजूद था और कार्यवाही में शामिल हुआ, लेकिन शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की ओर से कोई नहीं आया। समझौता तभी मुमकिन है जब दोनों पक्ष चर्चा में हिस्सा लें।”

ब्रज के बाहर मस्जिद के लिए जमीन का प्रस्ताव

सिंह ने यह भी बताया कि कुछ हिंदू याचिकाकर्ताओं ने विवाद सुलझाने के लिए ब्रज क्षेत्र के बाहर मस्जिद बनाने के लिए जमीन देने का प्रस्ताव रखा था। “सुझाव दिया गया था कि समझौते के तहत ब्रज के बाहर मस्जिद के लिए जमीन का इंतज़ाम किया जा सकता है। लेकिन दूसरा पक्ष शामिल नहीं हुआ, इसलिए इस प्रस्ताव पर बात ही नहीं हो सकी।”

मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर के बगल में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद कई मुकदमों का विषय बनी हुई है। हिंदू याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मस्जिद भगवान कृष्ण की जन्मस्थली पर बनाई गई थी। उन्होंने विवादित जगह पर पहुंच और मालिकाना हक सहित कई तरह की राहत मांगी है। अलग-अलग अदालतों में इस विवाद से जुड़े लगभग 18 मामले लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट 21 से 23 अगस्त के बीच याचिकाओं की सुनवाई करेगी। यह देश के सबसे ज्यादा चर्चित धार्मिक संपत्ति विवादों में से एक है।

📌 Sources & References

  • The Observer Post

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