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27 साल में अमेरिकी सीनेट पहुंचीं हैदराबादी की बेटी नबीला सैयद

शिकागो | BAZ News Network (BNN) । हैदराबाद से अमेरिका पहुंचे प्रवासियों की बेटी नबीला सैयद ने इलिनॉय स्टेट सीनेट की सीट जीतकर इतिहास रच दिया। महज 27 साल की उम्र में रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्बी हिल्स को हराकर उन्होंने साबित किया कि अमेरिका में हिजाब पहनने वाली मुस्लिम लड़की भी चुनाव जीत सकती है।

News in Short

  • नबीला सैयद ने 3 नवंबर को इलिनॉय स्टेट सीनेट की सीट जीती
  • उनके माता-पिता 1980 के दशक में हैदराबाद से अमेरिका गए थे
  • 2022 में 23 साल की उम्र में इलिनॉय हाउस सीट जीत चुकी हैं
  • बचपन में हिजाब पहनने के कारण आतंकवादी कहा जाता था
  • चुनाव प्रचार में किसी ने उन पर थूकने की कोशिश भी की

हैदराबाद से अमेरिका तक का सफर

नबीला सैयद के माता-पिता 1980 के दशक में हैदराबाद से अमेरिका गए थे। इलिनॉय के पलाटाइन इलाके में पली-बढ़ी नबीला ने शायद कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वो अमेरिकी सीनेट पहुंचेंगी। उनके वालिद सैयद मोइज़ुद्दीन को हमेशा यकीन था कि उनकी बेटी कुछ बड़ा करेगी। लेकिन राजनीति में आना — यह तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था।

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नबीला ने NBC न्यूज़ को बताया, “मैं अपने माता-पिता की कुर्बानियों के लिए शुक्रगुज़ार हूं। उन्होंने इसलिए त्याग किए ताकि मैं यहां रह सकूं। मेरी मां ने कहा — अगर मैं नहीं करूंगी तो कौन करेगा?”

नौवीं क्लास में पहना हिजाब, पिता को था डर

नबीला ने नौवीं क्लास में हिजाब पहनने का फैसला किया। उनके पिता को डर था कि बेटी को परेशान किया जाएगा। लेकिन नबीला के लिए यह ज़िंदगी का अहम फैसला था। 2017 में उन्हें स्कूल में प्रॉम क्वीन चुना गया।

शर्मीली लड़की ने उस वक्त शायद नहीं सोचा था कि एक दिन वो इलिनॉय जनरल असेंबली में पहुंचेगी। हिजाब पहनने वाली नबीला के लिए यह आसान नहीं था। बचपन में लोग उन्हें आतंकवादी कहते थे।

ट्रंप की जीत ने तोड़ा दिल, फिर खुद उतरीं चुनाव में

2016 में डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने नबीला का दिल तोड़ दिया। पहली बार उन्हें लगा कि जहां वो पैदा हुईं और पली-बढ़ीं — वो जगह अब उनकी नहीं रही। जब दक्षिणपंथी उम्मीदवार स्कूल बोर्ड चुनाव लड़ने लगे, तो नबीला ने प्रोग्रेसिव उम्मीदवारों के लिए कैंपेन मैनेज किया। वो जीते भी।

2022 में 23 साल की उम्र में नबीला ने पहली बार चुनाव लड़ा। इलिनॉय हाउस की 51वीं सीट जीतकर वो इलिनॉय की सबसे युवा विधायक बनीं। रिपब्लिकन उम्मीदवार क्रिस बॉस को हराकर उन्होंने इतिहास रच दिया।

नबीला सैयद इलिनॉय स्टेट सीनेट में — कैंपेन के दौरान थूकने की कोशिश

नबीला ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से पॉलिटिकल साइंस और बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में डबल मेजर किया। वो मुस्लिम लड़कियों को लीडरशिप के लिए प्रेरित करती हैं।

3 नवंबर 2024 को उन्होंने 26वीं सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ा। यह इलिनॉय का सबसे महंगा विधायी चुनाव था — 6.5 मिलियन डॉलर खर्च हुए। नबीला ने हेल्थकेयर, एजुकेशन, टैक्स और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर चुनाव लड़ा।

उनकी हाई स्कूल दोस्त अनुषा थोटाकुरा ने कैंपेन मैनेज किया। नबीला ने हर घर का दरवाज़ा खटखटाया। ज़्यादातर लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। लेकिन किसी ने कहा — “तुम्हें ज़्यादा अमेरिकन दिखना चाहिए।” किसी ने उन पर थूकने की कोशिश भी की।

जीत के बाद नबीला ने समर्थकों से कहा, “आप देखते हैं — रंगीन युवा महिलाएं रिपब्लिकन सीटें पलट सकती हैं।” भीड़ में एक बुज़ुर्ग महिला की आंखें नम थीं। नबीला की दादी भावुक हो गईं जब उन्होंने देखा कि गोरों के इलाके में इतने लोगों ने “मेरे जैसी दिखने वाली” को वोट दिया।

📌 Sources & References

  • Maktoob Media
  • NBC News

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