Baz World: आयतुल्लाह खामेनेई की अंतिम विदाई 4 जुलाई से शुरू होगी। 9 जुलाई को सुपुर्देखाक

तेहरान | 28 जून 2025 | BAZ News Network (BNN) | BAZ Desk | Bazmedia.in
News in Short
- 4-5 जुलाई को तेहरान के इमाम ख़ुमैनी मोसल्ला में आम अलविदाई समारोह होगा।
- जनाज़े का जुलूस 6 जुलाई को तेहरान और 7 जुलाई को क़ुम में निकाला जाएगा।
- 9 जुलाई को मशहद में इमाम रज़ा के रौज़े के पास अयातुल्लाह खामेनेई को दफ़नाया जाएगा।
अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई जनाज़ा कार्यक्रम का ऐलान हो गया है — 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलने वाले इन समारोहों में तेहरान, क़ुम और मशहद तीन शहर शामिल हैं। इस्लामी इंक़िलाब के मरहूम रहनुमा और उनके परिवार के कई सदस्यों की अंतिम विदाई के इंतज़ाम का ऐलान शनिवार को “शहीद मुजाहिद इमाम की ख़ूनीन उरूज स्मृति समिति” ने किया।
खामेनेई जनाज़ा कार्यक्रम: तेहरान से मशहद तक का सफ़र
4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम ख़ुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आम अलविदाई समारोह होगा। ये तारीख़ें फ़ारसी कैलेंडर के मुताबिक़ 13-14 तीर और इस्लामी कैलेंडर में मुहर्रम की 19-20 तारीख़ों से मेल खाती हैं। 6 जुलाई को तेहरान में जनाज़े का जुलूस निकलेगा। अगले दिन 7 जुलाई को यही जुलूस पवित्र शहर क़ुम की सड़कों से गुज़रेगा।
आख़िरी रस्म 9 जुलाई को पवित्र शहर मशहद में अदा होगी। ये तारीख़ इमाम सज्जाद (अ.स.) — जिन्हें ज़ैनुल आबिदीन भी कहते हैं — की शहादत की बरसी की पूर्व संध्या से मेल खाती है। वो चौथे शिया इमाम और पैग़म्बर मुहम्मद (स.अ.व.) के परपोते थे। अयातुल्लाह खामेनेई को आठवें शिया इमाम, इमाम रज़ा (अ.स.) के मशहद स्थित पवित्र रौज़े के पास दफ़नाया जाएगा।
दुनिया भर के मुसलमानों को बुलावा, लोग ही हैं आयोजन की धुरी
समिति ने ईरानी अवाम, दुनिया के आज़ाद लोगों, इस्लामी मकतब के पैरोकारों और तमाम दिलचस्पी रखने वालों को इन समारोहों में शामिल होने की दावत दी है। समिति ने सरकारी महकमों और सिविल सोसाइटी संगठनों का शुक्रिया अदा किया, लेकिन साफ़ कहा कि इन कार्यक्रमों की असल ज़िम्मेदारी अवाम के हाथों में है — जो लगातार सोग मना रहे हैं और मैदान में डटे हैं।
समिति ने आने वाले दिनों में और तफ़सील देने का वादा किया है।
अयातुल्लाह खामेनेई और उनके घर के कई अफ़राद 28 फ़रवरी को तेहरान में उनकी रिहाइश पर हुए अमेरिकी-इज़रायली हमले में शहीद हुए थे। ईरान के मुताबिक़ यह हमला ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त जंग के पहले दिन हुआ।



