
नई दिल्ली | 02 जून 2025| BAZ News Network (BNN) | Bazmedia.in
खबर संक्षेप में
- CJP संस्थापक अभिजीत डिपके 6 जून को भारत लौटेंगे और दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग — NEET पेपर लीक मुख्य वजह।
- डिपके का दावा — एक करोड़ से ज़्यादा छात्र परीक्षा विवादों से प्रभावित हुए।
- 8 लाख से अधिक लोगों ने इस्तीफे की मांग वाली पेटिशन पर दस्तखत किए।
- डिपके ने गिरफ्तारी की आशंका जताई, लेकिन कहा — “लोकतंत्र पर भरोसा है।”
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोमवार को ऐलान किया कि वे 6 जून को भारत लौटेंगे और NEET पेपर लीक समेत तमाम परीक्षा विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने छात्रों, युवाओं और समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की।
NEET पेपर लीक पर डिपके का बड़ा आरोप
डिपके ने X पर जारी एक वीडियो में कहा कि NEET, CBSE, CUET और SSC GD जैसी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से एक करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की वजह से कुछ NEET छात्रों ने खुदकुशी तक कर ली और लाखों छात्रों की मेहनत बर्बाद हुई।
“पेपर लीक की वजह से NEET के छात्रों ने जान दे दी और लाखों छात्रों की मेहनत बर्बाद हो गई। धर्मेंद्र प्रधान को इसके लिए इस्तीफा देना चाहिए।”— अभिजीत डिपके, संस्थापक, CJP
आठ लाख दस्तखत, कई शहरों में प्रदर्शन
डिपके का दावा है कि प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली पेटिशन पर 8 लाख से ज़्यादा लोग दस्तखत कर चुके हैं। उनके मुताबिक लखनऊ, जयपुर, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद भी अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो इस देश में जवाबदेही बची ही नहीं।”
दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना
डिपके ने बताया कि वे 6 जून को हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और समर्थकों से वहीं मिलने की अपील की। इसके बाद वे संसद मार्ग थाने में जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाज़त मांगेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान उन्हें यह हक देता है और वे संविधान के दायरे में ही अपनी आवाज़ उठाएंगे।
गिरफ्तारी की आशंका, लेकिन लौटने का फैसला पक्का
डिपके ने माना कि उनके परिवार और दोस्तों को डर है कि उन्हें हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बावजूद उन्होंने अमेरिका में नौकरी के ऑफर ठुकराकर भारत लौटने का फैसला किया।
“मैं आराम से अमेरिका में रहकर नौकरी कर सकता था, लेकिन मैंने भारत लौटने का फैसला किया क्योंकि मुझे अपने देश से मुहब्बत है।”— अभिजीत डिपके
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?
CJP एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन है जो मई 2026 में उस वक्त शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोज़गार युवाओं और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से करने वाले बयान दिए — जिसकी व्यापक आलोचना हुई। इसके बाद सोशल मीडिया पर “मैं भी कॉकरोच” का नारा तेज़ी से फैल गया और डिपके ने इस आंदोलन को एक मंच दिया। हालांकि, बाद में CJP का X अकाउंट और वेबसाइट भारत में ब्लॉक किए जाने की खबरें आईं और डिपके ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के हैक होने का भी दावा किया।
अब सवाल यह है कि 6 जून को डिपके की वापसी के बाद क्या सरकार उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाज़त देती है — या यह आंदोलन किसी और मोड़ पर जाता है।



