गाजी मियां दरगाह से मंसूरी स्कूल तक सड़क पर खतरा! सुरक्षा इंतजामों की मांग

गोहलपुर में सड़क हादसों पर रोक लगाने की मांग, स्पीड ब्रेकर और संकेतक बोर्ड लगाने डीएसपी यातायात को सौंपा ज्ञापन
जबलपुर। गोहलपुर क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से गोहलपुर थाना प्रभारी एवं डीएसपी यातायात को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में गाजी मियां दरगाह के सामने तथा मंसूरी एजुकेशन स्कूल के सामने सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाने की मांग की गई है।
डॉ. जाकिर हुसैन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एडवोकेट परवेज अख्तर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग पर स्कूल होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे और राहगीर भी आवागमन करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और इस मार्ग पर लगातार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी होती रही हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि सड़क के दोनों ओर लगभग 50 से 100 मीटर की दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। इन स्पीड ब्रेकरों को हाईलाइट रंग से रंगने की मांग भी की गई, ताकि वाहन चालकों को वे दूर से स्पष्ट दिखाई दे सकें और अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति न बने।
इसके साथ ही विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों के लिए भी उचित स्थान पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की गई है। सड़क के बीच स्थित खुले स्थान पर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था और लाइट पोल लगाए जाने की मांग करते हुए कहा गया कि रात के समय पर्याप्त रोशनी होने से दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है।
ज्ञापन में सड़क के दोनों ओर और स्कूल से लगभग 100 मीटर पहले स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाने की मांग की गई है। इनमें “आगे स्कूल है, धीमी गति चलाएं”, “स्पीड ब्रेकर” और “स्कूल क्षेत्र” जैसे चेतावनी संदेश प्रदर्शित करने की मांग की गई।
इसके अलावा स्कूल क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा जैसी निर्धारित गति सीमा लागू करने और इसके लिए स्पष्ट स्पीड लिमिट बोर्ड लगाने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन सौंपते समय एडवोकेट परवेज अख्तर, पार्षद गुलाम अंसारी, इमरान मंसूरी सहित क्षेत्र के अन्य नागरिक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। एडवोकेट परवेज अख्तर ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इन उपायों को जल्द लागू किया जाना जरूरी है, ताकि स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।



